Mann Ki Baat: 'ट्रेकोमा फ्री भारत', मन की बात में PM मोदी ने किया बड़ा खुलासा
Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 29 जून को रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 123 एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने दो ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धियों की जानकारी दी, जिन पर आज न सिर्फ भारत को बल्कि पूरी दुनिया को गर्व है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इन दोनों उपलब्धियों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) जैसे वैश्विक संगठनों ने भी सराहा है, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि और मजबूत हुई है।

PM Modi ने कहा, "प्यारे देशवासियो, आज मैं आपको दो ऐसी उपलब्धियों के बारे में बताना चाहता हूँ, जो न सिर्फ भारत की प्रगति की गवाही देती हैं, बल्कि हर भारतीय को गर्व से भर देती हैं।"
भारत बना ट्रेकोमा मुक्त देश: एक ऐतिहासिक स्वास्थ्य उपलब्धि
प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले जिस उपलब्धि का ज़िक्र किया, वह भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि भारत अब आधिकारिक रूप से 'ट्रेकोमा मुक्त देश' घोषित किया गया है। यह घोषणा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने की है, जो भारत की जन-स्वास्थ्य नीति और उसके क्रियान्वयन की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
ट्रेकोमा (Trachoma) एक संक्रामक बैक्टीरियल बीमारी है, जो मुख्यतः आंखों को प्रभावित करती है। यह संक्रमण लंबे समय तक untreated रहने पर अंधेपन का कारण बन सकता है। एक समय था जब भारत के कई हिस्सों में यह बीमारी आम थी, खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में। लेकिन अब भारत ने न केवल इस बीमारी पर नियंत्रण पाया है, बल्कि उसे समाप्त करने में भी सफलता हासिल की है।
सरकार की योजनाओं और जनता के सहयोग से मिली सफलता
प्रधानमंत्री ने इस सफलता का श्रेय स्वास्थ्यकर्मियों, सरकारी योजनाओं और जन-भागीदारी को दिया। उन्होंने कहा, "यह सफलता हमारे स्वास्थ्यकर्मियों की है, जिन्होंने बिना थके, बिना रुके इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई लड़ी।"
उन्होंने 'स्वच्छ भारत अभियान' और 'जल जीवन मिशन' की भी विशेष रूप से सराहना की, जिनका इस बीमारी के मूल कारणों को खत्म करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रधानमंत्री ने बताया कि जब हर घर तक स्वच्छ जल की आपूर्ति होती है, तो पानी से फैलने वाली बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होता है।
WHO ने भी इस बात को माना है कि भारत ने केवल बीमारी का उपचार नहीं किया, बल्कि इसके कारणों को जड़ से मिटाया, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में एक मॉडल सफलता है।
स्वास्थ्य के साथ-साथ श्रमिकों की सुरक्षा में भी बड़ी उपलब्धि
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरी बड़ी उपलब्धि के तौर पर श्रमिक कल्याण से जुड़ी पहल का उल्लेख किया, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने सराहना की है। हालांकि प्रधानमंत्री ने इस भाग में विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन संकेत दिया कि भारत ने श्रमिकों के हित में ऐसे कदम उठाए हैं जो वैश्विक स्तर पर मिसाल बन चुके हैं।
ILO की ओर से हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में भारत के श्रम सुधार, ई-श्रम पोर्टल, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की नीतियों और गिग वर्कर्स के लिए बन रही योजनाओं की प्रशंसा की गई है।
वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर भी बल दिया कि भारत आज स्वास्थ्य और श्रमिक कल्याण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह सफलता उन लाखों-करोड़ों भारतीयों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है, जिन्होंने भारत को एक स्वस्थ और सक्षम राष्ट्र बनाने के लिए निरंतर काम किया है।
उन्होंने कहा कि "आज भारत न केवल बीमारियों से लड़ रहा है, बल्कि उन्हें पैदा करने वाले कारणों को भी समाप्त कर रहा है। यह समग्र दृष्टिकोण ही भारत को दूसरों से अलग बनाता है।" ट्रेकोमा आखिर है क्या, यह कैसे फैलता है, और इससे कैसे बचा जा सकता है।
क्या है ट्रेकोमा? What is Trachoma?
ट्रेकोमा एक संक्रामक जीवाणु संक्रमण है जो मुख्य रूप से आंखों को प्रभावित करता है। यह संक्रमण क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस (Chlamydia trachomatis) नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। समय पर इलाज न किया जाए तो यह बीमारी धीरे-धीरे अंधेपन तक ले जा सकती है।
ट्रेकोमा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आंखों, पलकों या नाक और गले के स्राव के संपर्क में आने से फैल सकता है। यह विशेष रूप से भीड़भाड़, खराब स्वच्छता और सीमित जल आपूर्ति वाले क्षेत्रों में तेजी से फैलता है।
क्या है ट्रेकोमा के लक्षण
ट्रेकोमा से पीड़ित व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- आंखों में दर्द और जलन
- पलकों की सूजन और खुजली
- आंखों से मवाद या बलगमयुक्त स्राव
- आंखों का लाल होना
- रोशनी के प्रति संवेदनशीलता
- दृष्टि हानि (उपचार न होने पर)
ट्रेकोमा को WHO ने दुनिया भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य की एक गंभीर समस्या माना है, विशेषकर विकासशील देशों में। यह बीमारी आमतौर पर गरीबी, गंदगी, और स्वच्छ पानी की कमी वाले इलाकों में पाई जाती है। यह बीमारी पूरी तरह से रोकथाम योग्य है। प्रारंभिक अवस्था में एंटीबायोटिक्स से इसका प्रभावी इलाज संभव है। गंभीर मामलों में सर्जरी की भी आवश्यकता पड़ सकती है।
WHO की SAFE रणनीति
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ट्रेकोमा को नियंत्रित करने के लिए "SAFE" रणनीति अपनाने की सिफारिश की है:
- S - सर्जरी (Surgery): पलकों की विकृति को ठीक करने के लिए
- A - एंटीबायोटिक्स (Antibiotics): संक्रमण को खत्म करने के लिए
- F - चेहरे की स्वच्छता (Facial cleanliness): व्यक्तिगत स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए
- E - पर्यावरणीय सुधार (Environmental improvement): स्वच्छ जल और शौचालय की सुविधा












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