Manipur Unrest: स्थानीय लोगों ने रिलीफ कैंप लगाए, CM ने मदद के लिए शाह का आभार प्रकट किया, VIDEO
Manipur Unrest के बीच स्थानीय लोगों ने हिंसा प्रभावित लोगों की मदद के लिए Moirang टाउन में रिलीफ कैंप लगाया है। सीएम बीरेन सिंह ने गृह मंत्रालय का आभार प्रकट किया है। कुछ लोग नगालैंड भी गए हैं।

Manipur Unrest के बीच स्थानीय लोगों ने Moirang town में Relief camp शुरू किया है। Meitei ST category में शामिल किए जाने को लेकर हुई हिंसा के बाद सेना की मदद से हालात पर काबू पाया गया है।
मणिपुर में हिंसा के बीच रिलीफ कैंप के संबंध में समाचार एजेंसी ANI की वीडियो रिपोर्ट सामने आई है। इसमें कैंप में शरण लेने वाले शख्स ने मदद के लिए कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने कहा, कैंप में सुरक्षा है, स्थानीय लोग हमारी मदद कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, मणिपुर के मोइरांग शहर में स्थानीय लोगों ने एक राहत शिविर स्थापित किया। शरण लेने वाले एक शख्स ने कहा, कुछ दस्तावेजों को छोड़कर हम अपना कोई सामान नहीं ला सके। बहुत तोड़-फोड़ और हिंसा हुई थी...।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों में Meitei/Meetei समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की श्रेणी में शामिल करने की मांग के खिलाफ व्यापक विरोध के बीच मणिपुर के कई इलाके हिंसा की चपेट में आ गए थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार सीएम एन बीरेन सिंह ने केंद्र सरकार से मिली मदद के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार प्रकट किया है। हिंसाग्रस्त इलाकों को छोड़कर कई छात्र पड़ोसी राज्य नागालैंड पहुंचे हैं, ऐसी खबरें भी सामने आई हैं।
नागालैंड पुलिस के साथ असम राइफल्स ने रविवार को हिंसा प्रभावित मणिपुर से 600 से अधिक नागा छात्रों और परिवारों को निकाला। अभियान का नेतृत्व करने वाले उप महानिरीक्षक वेद बेनीवाल ने बताया कि 341 परिवारों सहित कुल 676 लोगों को निकाला गया।
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, उपमुख्यमंत्री वाई पैटन ने कहा, निकाले गए लोगों को गृहनगर भेजने के लिए बसों और टैक्सियों की व्यवस्था की गई है। सोमवार तक राज्य सरकार 14 बसें भेजेगी। लोगों को आगे भेजने के लिए छह बसें दीमापुर भेजी गईं।
बता दें कि हालात की गंभीरता के मद्देनजर बचाव अभियान शनिवार को शुरू हुआ। मणिपुर से सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए इवैक्यूएशन जारी है। हालांकि, सीएम एन बीरेन सिंह ने नागरिकों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए राज्य की स्थिति में लगातार सुधार के लिए उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, मणिपुर के हालात सुधर रहे हैं। स्थिति सामान्य हो रही है।
सीएम ने कहा कि अर्धसैनिक बल और मणिपुर पुलिस भी हिंसा को नियंत्रित कर हालात सामान्य बनाने की दिशा में अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने राज्य के लोगों के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने पीएम मोदी के साथ-साथ सीआरपीएफ- @crpfindia, सीमा सुरक्षा बल- @BSF_India और भारतीय सेना- @adgpi को टैग कर ट्वीट में ये बातें कहीं।
रविवार को मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने भी राज्य में हिंसा के बाद उपजे हालात के मद्देनजर सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में मणिपुर सरकार के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, आईपीएस (सेवानिवृत्त) और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आशुतोष सिन्हा मौजूद रहे।
राज्यपाल उइके ने अलग-अलग राहत शिविरों में रह रहे लोगों को उनके संबंधित स्थानों पर सुरक्षित भेजने का सुझाव भी दिया। सुरक्षा सलाहकार और ऑपरेशनल कमांडर दोनों ने प्रपोजल स्वीकार कर लिए।
मणिपुर हिंसा पर समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सेना और असम राइफल्स, को मणिपुर में हिंसा को रोकने के लिए बुलाया गया था। भारतीय सेना ने रविवार को बताया कि अब तक लगभग 23,000 नागरिकों को सफलतापूर्वक बचाने के बाद ऑपरेटिंग बेस में रखा गया है।
गौरतलब है कि मणिपुर सरकार के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने शनिवार को कहा था कि हिंसा में मरने वालों की संख्या करीब 28-30 है। हालांकि, सरकार ने कहा है कि सभी मौतें हिंसा के कारण हुई हैं, इसकी पुष्टि होनी बाकी है।
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कुलदीप सिंह ने कहा कि कई रिपोर्ट्स में 54 से ज्यादा लोगों के मारे जाने के दावे किए जा रहे हैं। इसकी भी आधिकारिक पुष्टि की जा रही है। शुक्रवार को हुई झड़प के बारे में उन्होंने कहा, कल झड़प हुई थी। सेना की काफिले को गोलियां चलानी पड़ी थीं। सुबह वहां तीन शव बरामद हुए।












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