मणिपुर में शांति नहीं हो सकती जब तक...., पीएम मोदी पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस का बड़ा दावा
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में पार्टी के उपनेता गौरव गोगोई ने मणिपुर में शांति बहाली को लेकर बड़ा दावा किया है। इसको लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लाल किले से देश को गुमराह करने का भी आरोप लगा दिया है। साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर भी जोरदार निशाना साधा है।
गोगोई ने बुधवार को गुवाहाटी में कहा है कि जब तक 6,000 अत्याधुनिक हथियार और 6 लाख राउंड गोला-बारूद बरामद नहीं होंगे, तब तक मणिपुर में शांति नहीं हो सकती। गोगोई ने दावा किया है कि ये हथियार और गोला-बारूद सुरक्षा बलों से लूटे गए हैं और इनका इस्तेमाल आम लोगों के खिलाफ होगा।

दोनों पक्षों के बीच सुलह के बिना शांति कैसे हो सकती है- कांग्रेस
उन्होंने सवाल किया है कि 'इसलिए, जब दोनों पक्षों के बीच सुलह की कोई बात नहीं होगी, तो शांति और सामान्य स्थिति कैसे हो सकती है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि 'मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की परफॉर्मेंस से मैतेई और कुकी दोनों नाखुश हैं। '
सीएम की मौजूदगी के चलते शांति वार्ताएं नाकाम- गौरव गोगोई
उन्होंने कहा है कि 'ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में मुख्यमंत्री का पूरी तरह से समर्थन किया।' इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शांति समितियों में सीएम की मौजूदगी की वजह से ही शांति वार्ताएं नाकाम रही हैं।
पीएम मोदी ने लाल किले से देश को गुमराह किया- गौरव गोगोई
असम की कलियाबोर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद ने पीएम मोदी पर भी लाल किले से इस मसले पर देश को गुमराह करने का आरोप लगा दिया है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश को गुमराह किया है..... क्योंकि, 60,000 लोगों के बीच सुलह और उनके पुनर्वास के बिना, जो कि अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं; और जब तक 6,000 हथियार बरामद नहीं हो जाते, तब तक शांति बहाली नहीं हो सकती।'
कुछ दिनों से लगातार शांति की खबरें आ रही हैं- पीएम मोदी
गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मंगलवार को पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को किए गए संबोधन में कहा है, "विशेषकर मणिपुर में जो हिंसा का दौर चला, कई लोगों को अपना जीवन खोना पड़ा, मां-बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ, लेकिन कुछ दिनों से लगातार शांति की खबरें आ रही हैं, देश मणिपुर के लोगों के साथ है..............शांति से ही समाधान का रास्ता निकलेगा।"
पूर्वोत्तर के इस राज्य में 3 मई से ही जातीय संघर्ष की स्थिति बनी हुई है और 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हजारों लोग अपने ही देश में विस्थापित होने को मजबूर हुए हैं। इस मसले पर गोगोई लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से अविश्वास प्रस्ताव भी ला चुके हैं। लेकिन, यह प्रस्ताव भारी बहुमत से गिर गया था। (इनपुट-पीटीआई)












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