मणिपुर में तनाव के बीच इरोम शर्मिला ने शराब और घरेलू हिंसा को लेकर कही बड़ी बात, केंद्र पर खड़े किए सवाल
मणिपुर में जारी टकराव के बीच इरोम शर्मिला ने प्रदेश के हालात को लेकर चिंता जाहिर की है। इरोम ने कहा कि शराद युवाओं पर नकारात्मक असर डाल रही है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा को लेकर भी खुलकर बात की।
इरोम ने कहा कि जब युवाओं की बात आती है तो यह देसी शराब में डूबे हैं। आदमी नशे में घर में महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं, ये सब प्रदेश की बड़ी समस्या है।

प्रदेश में चल रही हिंसा को लेकर इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान इरोम ने कहा कि प्रधानमंत्री को प्रदेश के विधायकों से बात करनी चाहिए और यहां के मुद्दों को सुलझाने पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जन प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी उठानी चाहिए और एक बार फिर से प्रदेश में शांति बहाली के लिए काम करना चाहिए।
इरोम ने कहा कि प्रदेश में मैतेई और कुकी के बीच टकराव काफी बढ़ गया है और यह नियंत्रण के बाहर हो गया है। जहां तक सरकारी नौकरी कर रहे लोगों की सैलरी की बात है तो वह रेगुलर नहीं है, मासिक भुगतान नहीं हो रहा है। कर्मचारियों से उनकी सैलरी का एक हिस्सा मिलिटेंट वसूल रहे हैं। लोगों के जेहन में शांति नहीं है।
पड़ोसी राज्यों को मणिपुर के हालात को सामान्य करने के लिए हस्तक्षेप नहीं मसलों में शामिल होना चाहिए। ऐसा लग रहा है कि केंद्र सरकार जानबूझकर यहां के हालात को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र को सही समय पर हस्तक्षेप करना चाहिए।
गौर करने वाली बात है कि मणिपुर मे 3 मई से हिंसा का दौर जारी है। अभी तक तकरीबन 160 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हो चुके हैं। जिस तरह से 4 मई का एक वीडियो सामने आया है जिसमे देखा जा सकता है कि कुछ महिलाओं को नग्न करके परेड कराया गया था, उसके बाद प्रदेश में हालात और बिगड़ गए हैं।












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