Manipur में फिर हमला: असम राइफल्स के काफिले पर अज्ञात हमलावरों ने घात लगाकर की फायरिंग, 2 जवान शहीद, 4 घायल
Manipur Attack: मणिपुर में हिंसा और अशांति का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार, 19 सिंतबर की शाम एक बड़ी घटना सामने आई जब अज्ञात बंदूकधारियों ने असम राइफल्स के जवानों के वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
यह हमला बिष्णुपुर जिले के नमबोल सबल लाइकै इलाके में हुआ। अब तक की मिली जानकारी के मुताबिक, असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए हैं और चार घायल बताए जा रहे हैं। बता दें कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब 21 सितंबर, 1949 के मणिपुर मर्जर एग्रीमेंट की बरसी को लेकर घाटी-आधारित उग्रवादी संगठनों ने दो दिन बाद यानी 21 सितंबर को बंद का आह्वान किया है।

Assam Rifles firing incident: घटना कैसे हुई?
PTI से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, असम राइफल्स के जवान इंफाल से बिष्णुपुर जिले की ओर 407 टाटा वाहन से जा रहे थे। शाम करीब 6 बजे जब उनका वाहन नमबोल सबल लाइकै इलाके के पास पहुंचा, तभी अज्ञात हमलावरों ने घात लगाकर अचानक गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
हमले में एक जवान मौके पर ही शहीद हो गया और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर इलाके में अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोग और पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। समय पर मिली मदद से तीनों घायल जवानों की जान बच पाई।
क्या है मर्जर एग्रीमेंट जिसे लेकर संगठनों में नाराजगी
गौरतलब है कि 21 सितंबर, 1949 को मणिपुर का भारत संघ में विलय हुआ था। लेकिन इस विलय को लेकर कई घाटी-आधारित उग्रवादी गुट अब भी आपत्ति जताते हैं और हर साल इस दिन विरोध दर्ज कराते हैं। इस वर्ष भी इन संगठनों ने बंद का आह्वान किया है और इसी से पहले शुक्रवार को असम राइफल्स के वाहन को निशाना बनाया गया।
हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन पुलिस और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इसका सीधा संबंध 21 सितंबर की बरसी पर बुलाए गए बंद से है। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
हमलावरों की तलाश जारी
हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की नाकेबंदी कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में असामान्य गतिविधियां देखी जा रही थीं, लेकिन इस तरह के हमले की आशंका किसी ने नहीं जताई थी। सेना और पुलिस ने संयुक्त तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया है।
हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस हमले के पीछे कौन-सा संगठन या समूह शामिल है। इस घटना ने एक बार फिर मणिपुर में सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेना और पुलिस ने इलाके की नाकेबंदी कर दी है और हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।












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