मणिपुर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, भारी मात्रा में हथियार बरामद, 5 जिलों में चली सुरक्षाबलों की दबिश
Manipur weapons seizure: मणिपुर में शनिवार को सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच जिलों में अलग-अलग स्थानों से कम से कम 90 अवैध हथियार और 700 से अधिक गोलियां और विस्फोटक बरामद किए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब से मणिपुर में मई 2023 में जातीय हिंसा भड़की है, तब से कई पुलिस शस्त्रागारों से हथियार लूटे गए थे। इन जब्त किए गए हथियारों में से कई लूटे गए हथियारों में से हैं।

संयुक्त अभियान
पुलिस के बयान के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर इम्फाल ईस्ट, इम्फाल वेस्ट, थौबल, ककचिंग और बिष्णुपुर जिलों में एक साथ संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। इसमें मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सेना और असम राइफल्स की टीमें शामिल थीं।
इस दौरान जब्त किए गए हथियारों में शामिल हैं
- 3 AK सीरीज़ की राइफलें
- 1 M16 राइफल
- 5 INSAS राइफलें
- 1 INSAS लाइट मशीन गन (LMG)
- 4 SLR
- 20 पिस्तौल
- 4 कार्बाइन
- 7 .303 राइफल
- 8 अन्य राइफलें
- अन्य जब्त सामग्री
- 728 राउंड गोली और विस्फोटक
- 21 ग्रेनेड
- 6 IED (विस्फोटक उपकरण)
- 21 मैगज़ीन
- 24 वायरलेस हैंडसेट
आईजीपी का बयान
राज्य पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोन II के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) कबिब के. ने कहा, "कुछ जब्त किए गए हथियार हमारे पुलिस शस्त्रागारों से लूटे गए हैं।"
मई 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद राज्य के विभिन्न पुलिस स्टेशनों से 6,000 से अधिक हथियार लूटे गए थे। अब तक इनमें से 3,000 से अधिक हथियार बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से 1,500 से ज्यादा राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद (फरवरी 2024) बरामद हुए।
शांति स्थापना की अपील
पुलिस ने आम जनता से अनुरोध किया है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध हथियारों की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को दें।
पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी लगातार सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में हैं, ताकि इस तरह के अभियान नियमित और प्रभावी रूप से जारी रहें, जिससे राज्य में सामान्य स्थिति बहाल हो, जन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और संपत्ति की रक्षा की जा सके।
260 से अधिक लोगों की मौत
बता दें कि मई 2023 से इम्फाल घाटी के मैतेई समुदाय और पहाड़ी इलाकों के कूकी समुदाय के बीच जारी जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
राष्ट्रपति शासन लागू
13 फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था और विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था।












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