सेना के निशाने पर है 19 साल का ये जैश आतंकी 'मुन्ना', जिसने दिया था पुलवामा हमले को अंजाम
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 17 जून को आतंकियों ने सेना के वाहन पर हमला किया था। यह एक आईईडी ब्लास्ट था। इस हमले में नौ जवान घायल हो गए थे जिसमें से दो जवानों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। अब खबरें आ रही हैं कि इस हमले को जैश के 19 साल के आतंकी मुन्ना लाहौरी ने अंजाम दिया था। लाहौरी आईईडी एक्सपर्ट है और सेना ने उसकी तलाश के लिए घाटी में सर्च ऑपरेशन लॉन्च कर दिया है। इंटेलीजेंस ऑफिसर्स की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है।

लाहौरी की तलाश में दिन रात एक
दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में हुए इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने लाहौरी की तलाशी के लिए सर्च ऑपरेशन में सब कुछ झोंक दिया है। इंटेलीजेंस सूत्रों की मानें तो लाहौरी ने ही ब्लास्ट में प्रयोग हुए आईईडी को तैयार किया था। बम तैयार करने के बाद लाहौरी ने इसमें ब्लास्ट भी किया था। मुन्ना की तलाशी के लिए शोपियां और पुलवामा में छापेमारी जारी है। ऑफिसर्स की मानें तो लाहौरी आईईडी बनाने में एक्सपर्ट है। पाकिस्तान का रहने वाला लाहौरली पिछले वर्ष कश्मीर घाटी में दाखिल हुआ और उसके पास भारी हथियार और एक्सप्लोसिव्स थे।

पुलवामा और शोपियां में सक्रिय मुन्ना
लाहौरी ने पुलवामा और शोपियां को अपना अड्डा बनाया। लाहौरी, कश्मीर के स्थानीय युवकों को लोकल मैटेरियल की मदद से आईईडी कैसे तैयार होता है, इसकी ट्रेनिंग में लगा है। एजेंसियों की मानें तो लाहौरी, पुलवामा की तरह एक और हमले की साजिश रच रहा है। लाहौरी के अलावा एक और जैश आतंकी अब्दुल राशिद गाजी जो आईईडी एक्सपर्ट और जैश का ट्रेनर रह चुका है, उसे भी कश्मीर में आईईडी हमलों के लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है।

एक और एक्सपर्ट गाजी भी कश्मीर में ही
गाजी बालाकोट में आतंकियों को ट्रेनिंग देता था। काउंटर-टेररिज्म विशेषज्ञों का कहना है कि गाजी, अफगान वॉर में हिस्सा ले चुका है। वह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के तहत आने वाले मनशेरा का रहने वाला है, जहां पर बालाकोट है। फिलहाल वह कश्मीर में ही है और यहां के स्थानीय आतंकियों को आईईडी का प्रशिक्षण दे रहा है।

17 जून को थी बड़े हमले की कोशिश
17 जून को जो हमला हुआ उसमें सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स टीम को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। सेना ने इसे एक असफल प्रयास करार दिया। सेना का कहना था कि एक गाड़ी पर आईईडी मौजूद थी। इसके बाद बुधवार को सुरक्षाबलों ने शोपियां में एक आईईडी को डिफ्यूज किया। पुलवामा में ही 14 फरवरी को आतंकी हमला हुआ था जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।












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