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लॉकडाउन में भूखा था परिवार, युवक ने 2500₹ में फोन बेचकर खरीदा राशन, कर लिया सुसाइड

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस के चलते देशभर में 40 दिनों का लॉकडाउन लागू है। इस लॉकडाउन के कारण रोज कमाकर खाने वाले मजदूरों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन में आर्थिक तंगी से गुजर रहे मजदूर ने गुरुवार दोपहर को झुग्गी में फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। काम नहीं होने के कारण उसके पास पैसे नहीं थे। जिसके चलते वह अपनी पत्नी और बच्चों को खाना नहीं खिला पा रहा था।

 लॉकडाउन में काम नहीं होने से परेशान था मुकेश

लॉकडाउन में काम नहीं होने से परेशान था मुकेश

हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, गुरुग्राम के सरस्वती कुंज इलाके में स्थित झुग्गियों में पत्नी और 4 बच्चों के साथ रहने वाले मुकेश ने गुरुवार दोपहर अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। मुकेश घरों में पेंटिंग का काम करता था, लेकिन लॉकडाउन के कारण रोजगार छिन गया था। पिछले तकरीबन एक महीने से काम नहीं था, घर पर पैसा भी खत्म हो गया था। उम्मीद थी कि 14 अप्रैल से लॉकडाउन खुल जाएगा, लेकिन इसके आगे बढ़ने से सारी उम्मीद टूट गई।

फोन बेचकर लाया राशन

फोन बेचकर लाया राशन

मुकेश ने अपना फोन बेच दिया, जो ढाई हजार में बिका था। उन रुपये से वह आटा, दाल, चीनी सहित राशन लेकर आया था। इसके अलावा गर्मी से बचने के लिए पंखा भी लेकर आया और बाकी बचे 400 रुपए उसने अपनी पत्नी को दिए थे। उसके बाद वह झुग्गी में जाकर लेट गया। उसके दो लड़के और दो लड़कियां बाहर खेल रही थीं, जबकि पत्नी पूनम पास में ही रहने वाले पिता के पास गई थी। मुकेश बिहार का रहने वाला था, जो 24 मार्च लॉकडाउन के ऐलान के बाद अपने परिवार के साथ फंस गया था।

अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं थे पैसे

अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं थे पैसे

लेकिन थोड़ी ही देर बाद जब वह झुग्गी के अंदर गई तो देखा मुकेश पंखें से लटका हुआ था। मुकेश के ससुर उमेश मुखिया के अनुसार, पिछले करीब दो महीने से मुकेश को पेंटिग का काम रोजाना नहीं मिलने से परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था, जो उसके कमाने का मुख्य जरिया था। उमेश के मुताबिक, दाह संस्कार के लिए भी रुपये नहीं थे। झुग्गियों मे रहने वालों ने रुपये एकत्रित किए और उसके बाद दाह संस्कार किया। वहीं प्रशासन का दावा है कि जिस इलाके में आत्महत्या की बात सामने आई है, वहां पर भोजना का वितरण किया जा रहा है।

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English summary
man Unable to feed his family in lockdown, sells phone to buy ration before killing himself in Gurugram
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