घायल शख्स ने तड़प कर तोड़ा दम, 90 मिनट तक देखती रही 'बेरहम दिल्ली'
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में इंसानियत इस कदर लोगों के जहन से खत्म होती जा रही है कि दुर्घटना में घायल एक शख्स 90 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा...उसके शरीर से खून का कतरा-कतरा बहता रहा, लेकिन कोई भी उसे बचाने नहीं आया और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। हद तो ये कि किसी ने समय से पुलिस को घटना की जानकारी देना भी जरूरी नहीं समझा।

घटना पश्चिम दिल्ली के सुभाष नगर इलाके की है, जहां बुधवार तड़के 5:30 बजे तेज गति से आ रहे एक टैंपो ने 40 वर्षीय ई-रिक्शा चालक को टक्कर मार दी। पुलिस के मुताबिक मृतक का नाम मतिबूल है और वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला था। मतिबूल तिहाड़ गांव में किराए पर अकेला रहता था।
समय पर मिलता इलाज तो बच जाती जान
पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद पूरे 90 मिनट तक उसके शरीर से खून बहता रहा, लेकिन किसी ने उसे अस्पताल नहीं पहुंचाया। पुलिस को 6 बजकर 40 मिनट पर सूचना दी गई, लेकिन पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि अगर घायल को समय से अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
मोबाइल पर बात करता हुआ निकल गया एक शख्स
पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के जरिए पता चला कि दुर्घटना के बाद रिक्शा खींचने वाला एक शख्स जरूर घायल मतिबूल को देखकर रुका, लेकिन वो मोबाइल पर बात करता हुआ सिर्फ उसे देखकर निकल गया। सीसीटीवी कैमरे में ये पूरी सड़क दुर्घटना कैद हो गई। हरीनगर थाना पुलिस ने अज्ञात टेंपो चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया है।
परिवार में अकेला कमाने वाला था मतिबूल
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के बाद मतिबूल एक कूड़े के ढेर के पास जाकर गिरा। वहां से गुजर रहे लोगों को लगा होगा कि कोई शराब पीकर गिरा पड़ा है। शायद इसीलिए लोगों ने ना उसे बचाया और ना ही पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक मतिबूल के परिवार में उसकी पत्नी और तीन बेटियां हैं। वह परिवार में कमाने वाला अकेला शख्स था। पुलिस टैंपो चालक की तलाश कर रही है।












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