Mamata Vs President: राष्ट्रपति के साथ टकराव पर रविशंकर प्रसाद का हमला, 'बंगाल में सिर्फ घुसपैठियों का स्वागत'
Mamata Banerjee Vs President Controversy: बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर दिए हालिया बयान पर उन्होंने निशाना साधा। बीजेपी सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी के शासन में पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों का स्वागत किया जा रहा है। रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी संविधान के खतरे में होने की बात कर रही हैं, जबकि वह खुद राष्ट्रपति का सम्मान नहीं कर पाईं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद शर्मनाक है और स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति के साथ ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। बीजेपी नेता ने कहा कि राष्ट्रपति के अपमान की पार्टी कड़ी निंदा करती है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार और बीजेपी पूरी तरह राष्ट्रपति के सम्मान के साथ खड़ी है।

Mamata Vs President Controversy: राष्ट्रपति को लिखे पत्र से बढ़ा विवाद
दरअसल यह सारा विवाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राष्ट्रपति के हालिया दौरे से दूरी बनाने पर है। परंपरा के मुताबिक, राष्ट्रपति के दौरे पर राज्य के मुखिया उनका स्वागत करते हैं। हालांकि, ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के दौरे के बारे में कहा था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। इतना ही नहीं उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि राष्ट्रपति का इस्तेमाल राजनीति के लिए किया जा रहा है। इस विवाद और राष्ट्रपति के लिए सीएम के भाषा इस्तेमाल पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी का आरोप है कि यह सीधे तौर पर राष्ट्रपति और संवैधानिक गरिमा का उल्लंघन है।
Bengal Chunav से पहले बढ़ा सियासी संग्राम
पश्चिम बंगाल में अगले महीने विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। इससे पहले राज्य में सियासी संग्राम शुरू हो गया है। राष्ट्रपति के दौरे पर प्रोटोकॉल को लेकर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी का कहना है कि ममता बनर्जी ने संवैधानिक पद की गरिमा का ख्याल नहीं रखा और यह संविधान की मर्यादा का उल्लंघन है। दूसरी ओर टीएमसी भी इस मामले पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। बीजेपी के कई नेताओं ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बंगाल में राष्ट्रपति का भी सम्मान नहीं होता है। यहां सिर्फ घुसपैठियों का ही सम्मान है, संवैधानिक पदों की गरिमा और मर्यादा का ख्याल नहीं रखा जा रहा।












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