'हम चुनाव हारे नहीं हैं, इस्तीफा नहीं दूंगी',बंगाल में हार के बाद CM पद छोड़ने को तैयार नहीं ममता, लगाए 5 आरोप
Bengal Election Result (Mamata Banerjee): पश्चिम बंगाल की राजनीति में 04 मई 2026 को वो हुआ जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। राज्य के चुनावी इतिहास में पहली बार तृणमूल कांग्रेस (TMC) का किला ढह गया और भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता की चाबी हासिल कर ली। लेकिन इस करारी शिकस्त को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहजता से स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं। ममता बनर्जी ने कहा, ''मेरा इस्तीफे का सवाल नहीं है। सीएम पद नहीं छोड़ने वाली हूं।''
नतीजों के बाद 05 मई को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी का गुस्सा सातवें आसमान पर दिखा। उन्होंने अपनी हार के लिए भाजपा से ज्यादा चुनाव आयोग (EC) को जिम्मेदार ठहराया और उसे इस पूरी सियासी फिल्म का 'विलेन' करार दिया। ममता ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव नहीं जीता है, बल्कि आयोग की मदद से 100 सीटें लूटी हैं।

चुनाव आयोग बना 'खलनायक': ममता के गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने प्रेस के सामने बेहद तल्ख तेवर अपनाते हुए कहा कि यह चुनाव निष्पक्ष नहीं था। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। ममता ने सवाल उठाया कि वोटिंग खत्म होने के बाद भी EVM की बैटरी 80-90% तक चार्ज कैसे रह सकती है? उन्होंने इसे तकनीकी हेराफेरी का संकेत बताया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष रहने के बजाय भाजपा के 'बाजीगर' की तरह काम किया और पूरी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने की साजिश रची।
ममता बोलीं- मैं अब INDIA गठबंधन को मजबूत करने पर काम करूंगी
ममता बनर्जी ने कहा,
''मेरा लक्ष्य बिल्कुल साफ है, अब मैं एक आम व्यक्ति की तरह INDIA गठबंधन को मजबूत करूंगी। अभी मेरे पास कोई पद नहीं है, इसलिए मैं एक सामान्य नागरिक हूं। इन 15 सालों में मैंने एक रुपये भी पेंशन नहीं लिया और न ही कोई वेतन लिया। अब मैं एक आजाद चिड़िया हूं, इसलिए जो काम करना है, वह मैं अपने तरीके से करूंगी।''
ममता बनर्जी बोलीं- ECI ने बहुत ही गंदा, घटिया खेल खेला है
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा,
"बड़े दुख की बात है कि इस चुनाव में CEC लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने और EVM में हेराफेरी करने के मामले में 'खलनायक' बन गया। क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद EVM में 80-90% चार्ज कैसे हो सकता है? यह कैसे संभव है? चुनाव से दो दिन पहले ही उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी शुरू कर दी। उन्होंने सभी IPS और IAS अधिकारियों को बदल दिया। उन्होंने अपनी पार्टी के लोगों को चुना और BJP ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह BJP और चुनाव आयोग के बीच एक तरह की 'बाजी' थी। हमने पूरी सरकारी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी। PM और HM भी इसमें शामिल थे, उन्होंने सीधे तौर पर दखल दिया। उन्होंने SIR से 90 लाख नाम हटा दिए। जब हम कोर्ट गए, तो 32 लाख नाम फिर से शामिल किए गए... उन्होंने बहुत ही गंदे, घटिया और शरारती खेल खेले। मैंने अपनी ज़िंदगी में इस तरह का चुनाव कभी नहीं देखा।"
ममता बनर्जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 बड़ी बातें
1️⃣चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप (Allegations Against EC)
ममता ने सीधा आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर करीब 100 सीटें जबरदस्ती छीनी हैं। उन्होंने कहा कि मतदान से ठीक पहले टीएमसी के लोगों को गिरफ्तार किया गया, छापे डाले गए और निष्पक्ष अधिकारियों को हटाकर भाजपा ने अपने पसंदीदा अफसर तैनात किए। इसमें देश के बड़े नेताओं का सीधा हाथ है।
2️⃣इस्तीफे से साफ इनकार
मुख्यमंत्री ने साफ कह दिया कि वो इस्तीफा नहीं देंगी और न ही हार मानकर राजभवन जाएंगी। उनका कहना है कि भले ही कागज पर चुनाव आयोग ने उन्हें हारा हुआ दिखा दिया हो, लेकिन जनता के दिल में और नैतिकता के आधार पर जीत उन्हीं की हुई है।
3️⃣आज तक का सबसे खराब अनुभव
ममता ने पुराने प्रधानमंत्रियों (राजीव गांधी, वाजपेयी, मनमोहन सिंह) का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कई सरकारें देखी हैं, लेकिन इस बार जैसा जुल्म पहले कभी नहीं देखा। उनके मुताबिक, इस चुनाव में लोकतंत्र की सारी मर्यादाएं लांघ दी गईं और लोगों को बुरी तरह प्रताड़ित किया गया।
4️⃣काउंटिंग में हेराफेरी और हिंसा
उन्होंने आरोप लगाया कि गिनती अभी शुरू ही हुई थी कि भाजपा के लोग अपनी जीत का दावा करने लगे। 5-6 राउंड की गिनती भी पूरी नहीं हुई थी कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पोलिंग स्टेशनों में घुसकर काउंटिंग एजेंट्स के साथ मारपीट शुरू कर दी और मीडिया के जरिए झूठ फैलाया गया।
5️⃣आगे की रणनीति और जांच कमेटी
ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि वो चुनाव आयोग की इन हरकतों के खिलाफ बड़ा कदम उठाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि वह 5 सांसदों और अन्य सदस्यों को मिलाकर 10 लोगों की एक 'फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी' बनाएंगी, जो चुनाव के दौरान हुई गड़बड़ियों की सच्चाई सामने लाएगी।













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