क्या ममता बनर्जी गांधी परिवार को सियासी तौर पर निपटाना चाहती हैं? तीन बातें कर रही हैं इशारा
तृणमूल प्रमुख और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल में कुछ ऐसे सियासी संकेत दिए हैं, जो खासकर कांग्रेस की फर्स्ट फैमिली या सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी और इनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा की राजनीतिक सेहत के लिए अच्छे नहीं कहे जा सकते।
यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब हाल में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी चार राज्यों में बहुत ही कमजोर साबित हुई है। ऐसे में ममता ने सबसे पुरानी पार्टी होने का दावा करने वाली मौजूदा कांग्रेस पार्टी को जिस तरह से सियासी चक्रव्यूह में उलझा दिया है, उसके बड़े राजनीतिक मायने हो सकते हैं।

सुरक्षा चूक पर संसद अखाड़े में तब्दील
संसद का मौजूदा शीतकालीन सत्र इसकी सुरक्षा में चूक की वजह से सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सियासी अखाड़े में तब्दील रहा है। इस मुद्दे पर सरकार पहले बैकफुट पर नजर आ रही थी। विपक्ष ने अपने आक्रमण को कुछ ज्यादा ही धार देना शुरू कर दिया और सरकार को मौका मिला और सांसदों का निलंबन शुरू हो गया।
उपराष्ट्रपति की मिमिक्री वाले वीडियो ने पलट दी बाजी!
यहां तक तो अंदाजा लगाना मुश्किल लग रहा था कि भारी कौन पड़ रहा है? तभी संसद परिसर का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी देश के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनकड़ का 'मजाक' (मिमिक्री) उड़ा रहे थे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मजे में यह वीडियो शूट कर रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी और एडीए सरकार को इसी वीडियो से राजनीतिक बाजी पलटने का मौका हाथ लग गया! सरकार विपक्ष के खिलाफ रक्षात्मक होने की जगह और आक्रामक हो गई। उपराष्ट्रपति की 'मिमिक्री' पर खुद धनकड़ के अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी तक ने आपत्ति जताई।
ममता ने राहुल पर फोड़ा 'मिमिक्री' का ठीकरा
विवाद बढ़ा तो ममता से पत्रकारों ने उनके सांसद की करतूत पर सवाल पूछ लिया। उन्होंने कहा, 'हम तो सबका सम्मान करते हैं...अनादर करने की बात नहीं है.....आपको तो पता भी नहीं चलता अगर राहुल जी ने वीडियो नहीं बनाया होता तो......।'
यानी कल्याण बनर्जी की हरकत एक तरफ, लेकिन बंगाल की सीएम ने बड़ी ही आसानी से सारे विवाद का ठीकरा राहुल पर फोड़ दिया। इसके बाद राहुल यह कहकर अपना बचाव करते नजर आए कि उनका वीडियो तो उनके फोन में है और यह मीडिया दिखा रहा है।
कल्याण बनर्जी को अपने साथ नहीं ले गईं ममता
बुधवार को जिस दिन ममता ने मिमिक्री विवाद में राहुल को लपेटने की कोशिश की, उसी दिन वह अपनी सरकार की लंबित मांगों को लेकर पश्चिम बंगाल के 9 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल लेकर पीएम मोदी से मुलाकात के लिए उनके दफ्तर पहुंचीं। लेकिन, उन सांसदों में उपराष्ट्रपति की मिमिक्री करने वाले कल्याण बनर्जी गायब थे।
मतलब, जिस सांसद की हरकत के लिए उन्होंने दोष राहुल पर थोपने की कोशिश की, उन्हें वह पीएम मोदी के पास लेकर नहीं गईं। क्योंकि, उन्हें पता था कि कल्याण की हरकतों से पीएम मोदी भी वाकिफ हैं और उसकी आलोचना कर चुके हैं।
खड़गे को विपक्ष का पीएम उम्मीदवार बताकर गांधी परिवार को दिया झटका
एक दिन पहले ही मंगलवार को 28 विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक की दिल्ली में बैठक हुई थी। इसका मुख्य एजेंडा लोकसभा चुनावों में बीजेपी को चुनौती देने के लिए सीटों का बंटवारा था। हालत ये है कि विपक्षी गठबंधन के बनने के 6 महीने बाद भी अभी तक इसका कोई संयोजक तक नहीं बना है।
लेकिन, ममता ने यहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम इंडिया ब्लॉक के पीएम उम्मीदवार के तौर पर रखकर सहयोगी दलों को भी हैरान कर दिया। सिर्फ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ही उनके प्रस्ताव का समर्थन किया।
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की मानें तो 'ममता और केजरीवाल को पूरा पता है कि कांग्रेस में राहुल गांधी के सिवा कोई नहीं होगा (पीएम उम्मीदवार)। राहुल गांधी को बाहर करने के लिए इन्होंने चक्रव्यूह में फंसाया है, खड़गे जी को और राहुल गांधी दोनों को...'
गौरतलब है कि ममता के प्रस्ताव को सबसे पहले खड़गे ने ही ठुकरा दिया और यह कहकर इस मुद्दे से कन्नी काटने की कोशिश की कि पहले चुनाव तो जीत लो, फिर प्रधानमंत्री पर फैसला कर लेना।
लेकिन, ममता का अंदाज गांधी परिवार को बहुत बड़ा सियासी आघात दे चुका है और तीन हिंदी भाषी राज्यों में करारी हार के बाद, फिलहाल उसका विपक्षी गठबंधन का चेहरा बनने का सपना दूर की कौड़ी हो गया है।












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