सिंह ब्रदर्स ने बिना बोर्ड अप्रूवल के फोर्टिस हेल्थकेयर से निकाले 500 करोड़

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नई दिल्ली। फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रमोटरों मलविंदर मोहन सिंह और उनके भाई शिविंदर सिंह के कंपनी से बिना बोर्ड अप्रूवल के 500 करोड़ निकले जाने की बात सामने आई है। सिंह बंधुओं के एक साल पहले 7.8 करोड़ डॉलर निकालने का कंपनी की बैलेंस शीट में जिक्र है। इतनी बड़ी रकम को निकालने के लिए दोनों भाइयों ने कंपनी के बोर्ड से भी मंजूरी नहीं ली। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑडिटर डिलॉइट ने फोर्टिस के दूसरी तिमाही के नतीजों को सर्टिफाई करने से मना कर दिया है। फोर्टिस हेल्थकेयर में दोनों भाइयों का 34 फीसदी हिस्सा है। उनकी ये हिस्सेदारी बनी रहेगी। 

दोनों भाईयों ने दिया इस्तीफा

दोनों भाईयों ने दिया इस्तीफा

दोनों भाईयों ने गुरुवार (8 फरवरी) को फोर्टिस हेल्थकेयर कंपनी के निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया था। दोनों ने यह फैसला दिल्ली हाईकोर्ट के जापानी फार्मास्युटिकल कंपनी दाइची सैंक्यो को 3,500 करोड़ रुपये वसूलने की इजाजत मिलने के बाद लिया है। मलविंदर ने फोर्टिस हेल्थकेयर के एग्जिक्युटिव चेयरमैन के पद से भी इस्तीफा दे दिया है। शिविंदर सिंह ने नॉन-एग्जिक्युटिव वाइस चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया है।

फोर्टिस हेल्थकेयर बोर्ड मामले पर 13 फरवरी को करेगा विचार

फोर्टिस हेल्थकेयर बोर्ड मामले पर 13 फरवरी को करेगा विचार

फोर्टिस हेल्थकेयर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मलविंदर मोहन सिंह और शिविंदर सिंह ने कंपनी के डायरेक्टरशिप से इस्तीफा दे दिया है। फोर्टिस हेल्थकेयर का बोर्ड इस मामले पर 13 फरवरी को विचार करेगा। सिंगापुर में एक ट्राइब्यूनल ने दाइची के पक्ष में एक आदेश दिया था। इसमें कहा गया था कि सिंह बंधुओं ने शेयरों की बिक्री करते वक्त यह जानकारी छिपाई कि भारतीय कंपनी यूएस फूड ऐंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के जांच का सामना कर रही है।

गलत डाटा दिखाकर बेची थी रेनबैक्सी

गलत डाटा दिखाकर बेची थी रेनबैक्सी

इस आदेश के बाद फार्मास्युटिकल कंपनी दाइची ने दिल्ली हाईकोर्ट से मलविंद और शिविंदर से 3500 करोड़ रुपये वसूलने की इजाजत मांगी थी। यह विवाद लगभग 10 साल पुराना है। साल 2008 में रैनबैक्सी के मालिक मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह थे और उन्होंने रेनबैक्सी को जापान की दाइची सैंक्यो के हाथों 19,804 करोड़ रुपए बेच दिया था। सिंह बंधुओं ने रैनबैक्सी को बेचते समय दाइची को गलत जानकारियां दी थी। रैनबैक्सी ने साल 2004 में अपनी दवाइयों को 40 देशों में भेजने के लिए गलत डेटा का इस्तेमाल किया था।

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English summary
Malvinder Singh and Shivinder Singh took 500 crore out of Fortis without board approval

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