'PM मोदी गंगा सफाई की गारंटी भूल गए, उन्होंने मां गंगा को धोखा दिया है', खड़गे ने अब क्यों कहा ऐसा?
Mallikarjur Kharge on PM Modi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में उत्तराखंड के उत्तरकाशी में मुखवा मंदिर का दौरा किया, जहां उन्होंने देवी गंगा के शीतकालीन निवास स्थान पर पूजा अर्चना की। पीएम मोदी की इस यात्रा की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आलोचना की। खड़गे ने गंगा नदी की सफाई को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने नमामि गंगे पर प्रगति की कमी के लिए मोदी सरकार की आलोचना की है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर कहा कि मोदी जी ने कहा था कि उनको "माँ गंगा ने बुलाया है" पर सच ये है कि उन्होंने गंगा सफाई की अपनी गारंटी को "भुलाया" है ! करीब 11 वर्ष पहले 2014 में नमामि गंगे योजना लॉंच की गई थी। गंगा जीवनदायनी है। भारत की संस्कृति और उसकी आध्यात्मिक धरोहर है, पर मोदी सरकार ने गंगा सफ़ाई के नाम पर माँ गंगा से केवल धोखा ही किया है।''

खड़गे ने नमामि गंगे योजना को लेकर मोदी सरकार पर उठाए सवाल
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ''नमामि गंगे योजना में मार्च 2026 तक ₹42,500 करोड़ का फंड इस्तेमाल किया जाना था, पर संसद में दिए गए प्रश्नों के जवाब से पता चलता है कि दिसंबर 2024 तक केवल ₹19,271 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यानि मोदी सरकार ने नमामि गंगे योजना के 55% फंड खर्च ही नहीं किये हैं। माँ गंगा के प्रति इतनी उदासीनता क्यों?
मल्लिकार्जुन खड़गे ने आगे लिखा, ''2015 में मोदी जी ने हमारे NRI साथियों से क्लीन गंगा फंड में योगदान देने का आग्रह किया था। मार्च 2024 तक इस फंड में ₹876 करोड़ दान दिए गए, पर इसका 56.7% अब तक इस्तेमाल नहीं हुआ है। इस फंड का 53% सरकारी उपक्रमों से दान लिया गया है।''
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ''नवंबर 2024 का राज्य सभा उत्तर बताता है कि नमामि गंगे के 38% प्रोजेक्ट्स अभी लंबित हैं। STPs बनाने के लिए कुल आवंटित फंड का 82% खर्च किया जाना था पर 39% STPs अभी भी पूरे नहीं हुए हैं, और जो पूरे हुए हैं वो चालू ही नहीं हैं।''
खड़गे बोले-गंगा ग्राम के नाम पर मोदी सरकार ने सिर्फ शौचालयों का निर्माण कराया
मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने एक्स पोस्ट के आखिर कहा, ''अन्य शोध के मुताबिक सॉलिड वेस्ट की बढ़ोतरी के कारण गंगा जल में पारदर्शिता घटकर मात्र 5% रह गई है, जो गंभीर प्रदूषण का संकेत है। मई और जून 2024 के बीच गंगा में प्लास्टिक प्रदूषण में 25% की वृद्धि हुई, जिससे प्रदूषण का संकट और भी बढ़ गया।''
उन्होंने आगे कहा, ''गंगा ग्राम के नाम पर मोदी सरकार ने केवल शौचालयों का निर्माण कराया है। 5 राज्यों में गंगा किनारे 1,34,106 हेक्टेयर का वनीकरण करना था, जिसकी लागत ₹2,294 करोड़ थी, पर 2022 तक 78% वनीकरण नहीं हुआ और 85% फंड इस्तेमाल नहीं हुए, ऐसा RTI ने खुलासा किया है।''












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