भारत का मिनी अफगानिस्तान बन गया है मालदा, नशा और अवैध अश्लहे का है केंद्र
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। पश्चिम बंगाल का मालदा जिला सांप्रदायिक हिंसा के बाद चर्चा में आ गया है। यहां के कालीचक में हुई घटना से पूरा देश सन्न है। मालदा की एक और सच्चई है जिसे शायद आप नहीं जानते होंगे। मालदा भारत का मिनी अफगानिस्तान बन चुका है। आईए आपको बताते हैं वो कैसे। जी हां जब आप मालदा के गोपालगंज में सड़कों के किनारे से गुजरेंगे तो आपको सड़क के दोनो तरफ हरियाली नजर आएगी। लेकिन आपको बता दें यहां सब्जियों की नहीं बल्कि अफीम की खेती होती है।

उन्होंने आगे कहा, 'खासतौर पर कालीचक हिंसा के बाद जिला प्रशासन इस मामले पर नजर रख रहा है। प्रशासन ने इसपर उचित एक्शन लिया है और पुलिस की छानबीन की घटनाओं के बाद ये दोगुना हो जाएगी।' उल्लेखनीय है कि गोपालगंज, कालीचक, मोहब्बतपुर, मोठाबारी और दांगा जैसे इलाके राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के मुख्य केंद्र हैं और इसके पीछे सबसे बड़ा हाथ ड्रग के बढ़ रहे व्यापार का है। चाहे बाद नकली नोटों की हो, अवैध प्रवासन की हो या ड्रग और हथियारों की सप्लाई की हो, मालदा इसका हब बन रहा है।












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