Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Makar sankranti 2023: मकर संक्रा‍न्ति के दिन क्‍यों उड़ाते हैं पतंग ? क्‍यों माना जाता है लाभकारी

Makar sankranti 2023: मकर संक्रान्ति के दिन उत्‍तर भारत के अलावा अन्‍य कई राज्‍यों में पतंग उड़ाने की परंपरा है। इस दिन पतंग उड़ाने के पीछे जानिए वजह क्‍या है ?

kites fly on Makar Sankranti

Makar sankranti 2023: मकर संक्रांति का हिंदू धर्म में विशेष महत्‍व है। हिंदू कैंलेडर के माघ महीने में मनाए जाने वाला ये त्‍योहार लगभग हर साल 14 जनवरी को पड़ता है। ये त्‍योहार बसंत के आगमन और सर्दी के मौसम के खत्‍म होने का प्रतीक है। मकर संक्रान्ति के दिन बड़े होने लगते हैं और रातें छोटी होने लगती है। इस त्‍योहार को मानने के पीछे प्रमुख वजह है कि किसानों को अपने खेतों से नई फसल मिलती है, उस फसल का उपयोग करने से पहले ईश्‍वर और प्र‍कृति को आभार प्रकट करने के लिए इस दिन अनाज दान करने की परंपरा है। इस दिन भारतीय खास तौर पर उत्‍तर भारतीय स्‍नान दान और पूजा के बाद खिचड़ी खाते हैं। इस दिन पूरा आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भरा रहता है। क्‍या कभी आपने सोचा है मकर संक्रान्ति पर पतंग उड़ाने की परंपरा क्‍यों है ?

मकर संक्रांति के दिन हो जाता है अपवित्र महीने का अंत

मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। दूसरी ओर, संक्रांति प्रकाश का प्रतीक है। यह बौद्धिक बुद्धिमत्ता का संदेश भी देता है। इस दिन का अर्थ है 'पौसा' के अपवित्र महीने का अंत। वैदिक दर्शन में इसे उत्तरायण के नाम से जाना जाता है।मकर संक्रान्ति को उत्तरायण के शुभ काल की शुरुआत होती है। इस दिन से सारे शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं।

मकर सक्रांति के स्‍नान दान का है विशेष महत्‍व

मकर संक्रान्ति के दिन गजक, रेवाड़ी समेत तिल की नई फसल से निकले तिल से मिठाई बनाई जाती है। गन्‍ने की नई फसल आती है उसकी भी पूजा होती है।शक्कर, चावल, गुड़, तिल, उड़द की दाल, मूंग की दाल, कपड़े और कई अन्य चीजें दान किए जाने की परंपरा है। हिंदू धर्म में इस दिन पवित्र नदियों में स्‍नान और सूर्य देव को जल चढ़ाना शुभ माना जाता है।

मकर संक्रा‍न्ति के दिन क्‍यों उड़ाते हैं पतंग

मकर संक्रांति में पतंग उड़ाने का विशेष महत्‍व है। मकर संक्रान्ति के दिन सुबह से शाम तक आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें उड़ती नजर आती है। पतंग उड़ाने के पीछे मान्‍यता है कि इस दिन सूर्य उत्‍तरायन रहता है इसलिए इस दिन आकाश को देखने से मन प्रसन्न होता है। ये भी मान्‍यता ​​है कि पतंग उड़ाना देवताओं को धन्यवाद देने का एक तरीका है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि छह महीने की अवधि के बाद मकर संक्रांति के दिन देवता जागते हैं।

Recommended Video

    Makar Sankranti 2023: 14 या 15 जनवरी कब है मकर संक्रांति, जानें सही तारीख | वनइंडिया हिंदी *Religion

    पतंग उड़ाने और सेहत से क्‍या है कनेक्‍शन

    ये भी मान्‍यता है कि मकर संक्रांति पर लोग सूर्य की किरणों के संपर्क में आने के लिए पतंग उड़ाते हैं। ताकि सर्दियों से जुड़े त्वचा के संक्रमण और बीमारियों से वो छुटकारा पा सके। सर्दियों के महीनों में लोगों को लंबे समय तक धूप नहीं मिल पाती है। सूर्य की किरणों का शरीर पर पड़ना हेल्‍थ के लिए अच्‍छा माना जाता है, क्योंकि यह विटामिन डी का अच्छा स्रोत है।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+