Mahua Moitra: 'बंगाली स्वाभिमानी कौम'. महुआ मोइत्रा पर भड़के लोग, पूछा-फिर महात्मा गांधी कौन थे?
Mahua Moitra Vs Amit Shah on Chargesheet: पश्विम बंगाल में बीजेपी ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को घेरने के लिए 'चार्जशीट' जारी की थी। जिस पर टीएमसी ने भी पलटवार किया है। शनिवार शाम को तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा के खिलाफ चार्जशीट जारी करते हुए जमकर मोदी सरकार पर हमला बोला लेकिन इस दौरान वो कुछ ऐसा बोल गईं , जिसकी वजह से वो लोगों के निशाने पर आ गई हैं और इसी कारण ट्रोल भी हो रही हैं।
दरअसल महुआ मोइत्रा ने आज़ादी की लड़ाई में बंगालियों और गुजरातियों के योगदान की तुलना करके एक नई बहस को जन्म दिया है, महुआ मोइत्रा ने कहा, 'बंगाली एक बहुत ही स्वाभिमानी कौम हैं, हमने अंग्रेजों के ख़िलाफ़ आज़ादी की लड़ाई का नेतृत्व किया। गुजराती कौन थे?'

'काला पानी में मारे गए और कैद किए गए लोगों में से 68 प्रतिशत बंगाली थे और उनके बाद पंजाबी थे। क्या आप मुझे किसी एक गुजराती का नाम बता सकते हैं जो वहां था? आपके बड़े हीरो, वीर सावरकर को छोड़कर, जो बस बैठकर माफ़ीनामे लिखना चाहते थे? कृपया हमें बताएं।'
Mahua Moitra News: फिर महात्मा गांधी कौन थे?
जिसके बाद महुआ को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई , लोगों ने उनसे कहा कि ' महुआ जी फिर बताएं कि महात्मा गांधी कौन थे और कहां से आए थे?' तो वहीं एक यूजर ने लिखा कि 'राजनीति के मंच पर लोग कुछ भी बोल देते हैं बिना किसी सत्यता की जांच किए।' कुल मिलाकर इस वक्त लोग महुआ की समझ पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।
Mahua Moitra Profie: कौन है महुआ मोइत्रा?
मुखर नेता महुआ मोइत्रा राजनीति में आने से पहले इन्वेस्टमेंट बैंकर थीं, 12 अक्टूबर 1974 को असम में जन्मी मोइत्रा ने 2009 में Indian National Congress के साथ राजनीति की शुरुआत की। बाद में वे All India Trinamool Congress में शामिल हो गईं। साल 2016 में वे पश्चिम बंगाल विधानसभा की विधायक बनीं। इसके बाद 2019 में वे Lok Sabha के लिए Krishnanagar सीट से सांसद चुनी गईं। 3 नवंबर 2023 को मोइत्रा को कृष्णानगर (नादिया नॉर्थ) का AITC डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट बनाया गया।

West Bengal Assembly Elections 2026: ममता दीदी केवल विक्टिम कार्ड खेलती हैं-अमित शाह
आपको बता दें कि महुआ से पहले शनिवार सुबह अमित शाह ने TMC सरकार के ख़िलाफ़ एक "आरोप पत्र" जारी किया और कहा कि '15 साल के शासन के दौरान बंगाल देश के लिए घुसपैठ, तुष्टीकरण की राजनीति का केंद्र बन गया है, ममता दीदी हमेशा 'विक्टिम कार्ड' खेलती हैं लेकिन बंगाल की जनता अब उन्हें पूरी तरह से समझ चुकी है इसलिए उनसे छुटकारा चाहती है।'
4 मई को आएंगे पश्चिम बंगाल विधानसभा का परिणाम
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में दो चरणों में चुनाव हैं, पहले चरण के लिए 23 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। 4 मई को परिणाम आएंगे।












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