एल्गर परिषद केस: एनआईए की चार्जशीट में JNU और TISS का नाम, पीएम की हत्या की साजिश का जिक्र नहीं
भीमा कोरेगांव केस में एनआईए की चार्जशीट में 15 लोगों पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का मामला, पीएम की हत्या की साजिश का जिक्र नहीं
मुंबई, 23 अगस्त: राष्ट्रीय जांच आयोग (एनआईए) ने भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े एल्गार परिषद मामले में अपनी ड्राफ्ट चार्जशीट स्पेशल कोर्ट में दाखिल की है। इसमें 15 लोगों के खिलाफ देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप लगाए गए हैं। चार्जशीट के आधार पर विशेष अदालत तय करेगी कि अभियुक्तों के खिलाफ कौन से आरोपों पर कार्रवाई की जा सकती है। चार्जशीट में कहा गया है कि अभियुक्तों ने सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति की हत्या एवं उसके हालात पैदा करने के लिए हथियार जुटाने की साजिश रची।

एनआईए ने आरोप लगाया है कि ये 15 अभियुक्त प्रतिबंधित संगठन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के सदस्य हैं। इन 15 लोगों के खिलाफर राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ने समेत कुल 16 अभियोग लगाए गए हैं। हालांकि इसमें प्रधानमंत्री की हत्या करने की साजिश रचने का आरोप नहीं लगाया गया है, ना ही पीएम मोदी का नाम लिया गया है। जबकि शुरुआती जांच में पुणे पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश की बात कही थी।
एनआईए ने कहा है कि 31, दिसंबर 2017 को आयोजित की गई एल्गार परिषद का उद्देश्य दलित एवं अन्य जातियों की सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काकर महाराष्ट्र, भीमा कोरेगाँव और पुणे जिले में जाति के नाम पर हिंसा, अस्थिरता और अराजकता फैलाना था।
जेएनयू और टीआईएसएस का नाम
एनआईए ने कहा है कि आतंकी साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने देश की दो प्रतिष्ठित संस्थाओं जेएनयू (दिल्ली) और टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (मुम्बई) के छात्रों को रिक्रूट किया था और इन छात्रों का इस्तेमाल देश के खिलाफ किया जाना था। एनआईए के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार आरोपी मणिपुर में आतंकी संगठनों को एम4 हथियार और 4 लाख राउंड (कारतूस) पहुंचाने के लिए 8 करोड़ रुपये का इंतजाम करने में लगे थे। इन हथियारों के जरिए आरोपी महाराष्ट्र और केंद्र सरकार को टारगेट करना चाहते थे।
बता दें कि ये मामला 2018 का है। महाराष्ट्र में पुणे के करीब भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़की थी। इसके एक दिन पहले एल्गार परिषद ने पुणे में सम्मेलन किया था। इसमें एनआईए का आरोप है कि इस कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण दिए गए थे।












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