Maharashtra:निर्दलीय विधायक का दावा......तो टूट जाएगी शिवसेना 25 MLA संपर्क में
नई दिल्ली- महाराष्ट्र के निर्दलीय विधायक रवि राणा ने राज्य में सरकार गठन को लेकर बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोमवार को दावा किया है कि राज्य में नई सरकार बनाने के लिए शिवसेना के करीब 25 विधायक उनके संपर्क में हैं। उन्होंने सोमवार को अपनी पत्नी और अमरावती की सांसद नवनीत कौर राणा के साथ मुंबई में राज्यपाल से भी मुलाकात की है। राणा ने उद्धव ठाकरे को भी नसीहत दी है कि उन्हें संजय राउत की बयानबाजी पर लगाम लगानी चाहिए। बता दें कि अभी बीजेपी से चल रही तकरार में राउत ही पार्टी की ओर से सबसे ज्यादा मुखर हैं।

'तो भाजपा में शामिल हो जाएंगे शिवसेना के 25 एमएलए'
महाराष्ट्र में अमरावती जिले के बडनेरा विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रवि राणा ने शिवसेना के दो दर्जन से ज्यादा विधायकों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शिवसेना पर बहुत ज्यादा अभिमानी होने का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के दो दर्जन विधायक पार्टी तोड़ने के लिए तैयार बैठे हैं। उन्होंने कहा है कि अगर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बिना सहयोगी शिवसेना को साथ लिए नई सरकार बनाते हैं तो उनकी पार्टी के करीब 25 विधायक बीजेपी में शामिल हो जाएंगे। उनके मुताबिक, "सच्चाई तो ये है कि शिवसेनाके करीब 25 एमएलए सरकार गठन को लेकर मेरे संपर्क में हैं। अगर फडणवीस बिना शिवसेना के सरकार बनाते हैं तो अगले दो महीनों में शिवसेना टूट जाएगी और करीब 25 एमएलए पार्टी में शामिल हो जाएंगे।" बता दें कि शिवसेना के पास अभी 56 विधायक हैं।

'राउत शिवसेना के 'तोता' और पार्टी अभिमानी'
राणा ने सोमवार को अपनी पत्नी और अमरावती लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय सांसद नवनीत कौर राणा के साथ मिलकर मुंबई में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। वैसे राणा खुद भी बीजेपी को समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने गवर्नर से मुलाकात के बाद मीडिया वालों से कहा कि, "पिछले पांच वर्षों शिवसेना बहुत ही अभिमानी हो गई है। फडणवीस को इसपर लगाम लगानी चाहिए।" उन्होंने शिवसेना नेता संजय राउत के खिलाफ भी जमकर मोर्चा खोला, जो कि शिवसेना की ओर से 50:50 फॉर्मूले और मुख्यमंत्री की कुर्सी में हिस्सेदारी को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं। राणा ने उन्हें पार्टी का 'तोता' करार देते हुए उनपर अंकुश लगाने की जरूरत भी बताई।

उद्धव को नसीहत
निर्दलीय विधायक ने कहा कि शिवसेना प्रमुख को जनादेश को समझना चाहिए कि 21 अक्टूबर को हुआ मतदान भगवा गठबंधन के पक्ष में था। उन्होंने कहा, "राउत क्या कहते हैं उससे कोई मतलब नहीं, उद्धव ठाकरे को समझना चाहिए कि जनादेश महायुति (बीजेपी-शिवसेना गठबंधन) के लिए है, किसी एक पार्टी के लिए नहीं। उद्धव जी को राउत को कंट्रोल करना चाहिए, क्योंकि वे बहुत तीखी बयानबाजी कर रहे हैं।" राणा ने पिछले महीने ही बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था, जिसके पास अपने 105 विधायक हैं। दिलचस्प बात ये भी है कि राणा विदर्भ की जिस बडनेरा सीट से लगातार तीसरी बार जीतकर आए हैं, वहां उनका समर्थन कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन ने किया था।












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