महाराष्ट्र सरकार के पास नहीं कर्मचारियों की सैलरी का पैसा, मंत्रियों के लिए खरीदी जा रही 1.37 करोड़ की 6 लग्जरी कार
नई दिल्ली। भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए मार्च में हुए लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। इस दौरान राज्यों को मिलने वाला राजस्व भी निचले स्तर पर आ गया। इस आर्थिक संकट के बावजूद महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों के लिए 6 लग्जरी कार खरीदने का फैसला लिया है। जिसकी कीमत 1.37 करोड़ होगी। वहीं दो दिन पहले ही महाराष्ट्र के एक कैबिनेट मंत्री ने कर्मचारियों की सैलरी के लिए पैसे नहीं होने की बात कही थी।

रिपोर्ट के मुताबिक कई मंत्री, शिक्षा और खेल विभाग के सीनियर अधिकारी इन नई कारों का इस्तेमाल करेंगे। इसमें एक कार की कीमत करीब 22.8 लाख के करीब है। जिसके लिए अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है। वहीं इस फैसले के बाद विपक्षी दल बीजेपी ने सरकार को घेरा है। बीजेपी के मुताबिक इस मुश्किल वक्त में सरकार जनता का साथ नहीं दे रही है। पुलिसकर्मियों के पास सुरक्षा सामग्री नहीं है, जिस वजह से वो लगातार कोरोना का शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारियों की सैलरी नहीं दी जा रही है। बीजेपी के मुताबिक सरकार लोगों की मदद के बजाए मंत्रियों के लिए लग्जरी कार खरीद रही है।
क्या था मंत्री का बयान?
महाराष्ट्र सरकार मंत्री विजय वडेट्टीवार ने गुरूवार को दिए एक बयान में कहा था कि राज्य सरकार के पास अपने सरकारी कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए पैसे नहीं हैं, क्योंकि अभी तक केंद्र से कोई फंड नहीं मिला है। ऐसे में अब उन्हें लोन लेना पड़ सकता है। मंत्री के मुताबिक महाराष्ट्र में यह स्थिति कोविड-19 महामारी की वजह से उत्पन्न हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कोरोना की स्थिति को संभालने के लिए कैश का संकट नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications