महाराष्ट्र: सीएम संग बैठक के बाद किसानों की हड़ताल वापस, दूध होने वाला है महंगा
साथ ही इस बैठक में दूध के दाम बढ़ाने पर भी बात की गई। 20 जून तक इस पर निर्णय लिया जाएगा।
महाराष्ट्र। किसानों ने आखिरकार दो दिनों के बाद हड़ताल वापस ले ली है। राज्य सरकार द्वारा किसानों की 70 प्रतिशत मांग को मान्य करने के बाद किसानों ने अपनी हड़ताल रद्द कर दी। महाराष्ट्र में दो दिनों से किसानों की हड़ताल की वजह से महाराष्ट्र में जैसे अफरा-तफरी सी मच गई थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मध्यरात्री चार घंटे चली बैठक में किसानों की कुछ मांगों को मान लिया। जिसके चलते किसानों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया।

अल्प भू-धारक बकाया कर्ज वाले किसानों को 31 अक्टूबर तक कर्ज माफ किया गया है। ये घोषणा मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान की। इस बैठक में राज्यमंत्री सदाभाऊ खोत सहित किसानों के प्रतिनिधी उपस्थित थे। रात 12.30 बजे के करीब ये बैठक ली गई, पौने चार बजे करीब ये बैठक समाप्त हुई। किसानों की अनिश्चतकालीन हड़ताल को पूरे राज्य से काफी प्रोत्साहन मिला था। किसानों के सामने आखिरकार सरकार को अपने घुटने टेकने पड़े। राज्य के सभी अल्प भू-धारक किसानों को कर्जमाफी के लिए एक समिती स्थापित की गई है। ये समिती 31 अक्टूबर तक अपनी रिपोर्ट सरकार के सामने प्रस्तुत करेगी।
बैठक का मुद्दा
- आनेवाले अधिवेशन में इस पर कानून बनाया जाएगा
- राज्य कृषि मूल्य आयोग की स्थापना की जाएगी
- दूध के भाव संबंध में तटस्थ निरीक्षक चयन करने संबंध में विचार
- बढ़ाए गए बिजली बिल पर पुनर्विचार
- बकाया बिल का ब्याज और दंड ब्याज रद्द करने का निर्णय
- खराब हुए खेतीमाल के लिए प्रक्रिया उद्योग लाएंगे
- किसानों पर दर्ज किए मामले वापस लिए जाएंगे लेकिन गुंड़ों पर दाखिल किए मामले वापस नहीं लिए जाएंगे
साथ ही इस बैठक में दूध के दाम बढ़ाने पर भी बात की गई। 20 जून तक इस पर निर्णय लिया जाएगा। आंदोलन में जिस किसान की मृत्यु हुई है, उस परिवार को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद की जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्जमाफी के लिए सरकार की भूमिका सकारात्मक है। 31 अक्टूबर तक कर्जमाफी पर कार्रवाई की जाएगी। कर्जमाफी संबंध में अध्ययन के लिए एक समिती का चयन किया गया है।












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