VIDEO:'तो चलो हम उनको हिंदू बना देंगे..', नवरात्रि में 'लव जिहाद' की आशंका पर क्या बोले बीजेपी MLA नितेश राणे?
महाराष्ट्र में बीजेपी एमएलए नितेश राणे ने नवरात्रि उत्सव के दौरान लोगों की एंट्री धार्मिक आधार पर देने की मांग की है। राज्य के कणकवली सीट से भाजपा विधायक ने नवरात्रि उत्सव के आयोजकों से कहा है कि वह एंट्री देने से पहले आधार कार्ड चेक करें और दांडिया कार्यक्रमों में सिर्फ हिंदुओं को ही आने दें।
नितेश राणे ने जो मांग की है, उसी तरह की मांग हाल में सकल हिंदू समाज और बजरंग दल जैसे संगठनों की ओर से भी की गई है। बीजेपी विधायक ने कहा है कि '...यह मांग पूरे हिंदू समाज की है कि जब नवरात्रि शुरू होती है और दांडिया खेला जाता है.... तो इसमें भाग लेने वाले सिर्फ हिंदू समाज के होने चाहिए.....'

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तो हिंदू महिलाओं को नहीं फंसाया जा सकेगा- बीजेपी एमएलए
उन्होंने कहा है, '....हमने आयोजकों से कहा है कि अगर वे सभी आने वालों का आधार कार्ड चेक करते हैं और सिर्फ हिंदुओं को आने देते हैं तो हिंदू महिलाओं को किसी तरह की तकलीफ का सामना नहीं करना होगा.....उन्हें फंसाया नहीं जा सकेगा.....'
'इस दौरान पर बड़े पैमाने पर लव जिहाद और धर्मांतरण के मामले होते हैं'
उन्होंने दावा किया है कि 'हमारे पास सूचना है कि इस समय लव जिहाद और धर्मांतरण के मामले बहुत बड़े पैमाने पर हमारे पास आते हैं......हमारी हिंदू बहनों को झूठ बोलकर फंसाया जाता है.....कई लोग जो हिंदू नहीं होते हैं....वह भगवा रंग के कपड़े पहनकर आते हैं.....और खुद को हिंदू बताते है....'
'हिंदू समाज पर आक्रमण हो रहा है....हमारे पास सबूत है'
उन्होंने यह भी दावा किया कि '...जिहादियों की ओर से हिंदू समाज पर आक्रमण हो रहा है....इसका हमारे पास सबूत है......' उन्होंने आगे कहा कि '...जिस धर्म में मूर्ति की पूजा ही नहीं की जाती...वे नवरात्रि में आकर क्या करेंगे......फिर वे किस इरादे से नवरात्र में आ रहे हैं....'
'चलो हम उनको हिंदू बना देंगे.....उनका धर्मांतरण करने को हम तैयार हैं'
इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि 'अगर उन्हें आना ही है...हिंदू त्योहारों में हिस्सा लेना ही है तो चलो हम उनको हिंदू बना देंगे.....उनका धर्मांतरण करने को हम तैयार हैं....हमारे पास ऐसी संस्थाएं हैं, जो उन्हें हिंदू धर्म में वापस लाने में मदद कर सकते हैं......'
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में बजरंग दल और सकल हिंदू समाज संगठन की ओर से एडीएम ऑफिस में एक ज्ञापन देकर गरबा कार्यक्रमों को शर्तों के आधार पर अनुमति देने की मांग की गई थी। उन्होंने मांग की थी कि गरबा खेलने वाली महिलाएं शालीन कपड़ें पहनें और अश्लील गाने या कव्वाली ट्यून नहीं बजाया जाना चाहिए।
इस साल नवरात्रि का त्योहार 15 अक्टूबर से शुरू हो रहा है और इस दौरान महाराष्ट्र में गरबा और दांडिया जैसे कार्यक्रम उस धार्मिक आयोजनों के केंद्र में होते हैं।












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