देश की आर्थिक विकास का पावर-हाउस बना महाराष्ट्र: हासिल किया 100% विद्युतिकरण का लक्ष्य

महाराष्ट्र देश की अर्थव्यवस्था को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत की वित्तीय राजधानी के रूप में अक्सर उल्लिखित मुंबई एक ऐसा शहर है जो कभी नहीं सोता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मुंबई 24 घंटे गतिमान कैसे रहता है? भई, यह महाराष्ट्र की अविरल बिजली आपूर्ति ही तो जो मुंबई को निरंतर चलाती है। एक कहावत सी बन गई है कि कभी-कभी आसपास की हवा भले ठहर जाए, लेकिन मुंबई में बिजली कभी नहीं थमती।

निर्वाध विद्युत का यह विशेषाधिकार केवल मुंबई, पुणे, और महाराष्ट्र के कुछ अन्य टियर-2 और टियर-3 शहरों तक ही सीमित नहीं है। 2014 में सत्ता में आने के साथ ही प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने हर गा‍ँव, हर घर, देश के अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुंचाने का न केवल सपना देखा था बल्कि उसके सफल क्रियान्वयन के लिए लगातार कार्य भी किया गया। देश के 100% घरों तक बिजली पहुँचाने की यात्रा महाराष्ट्र से शुरू हो चुकी है।

Maharashtra becomes power house of economic development of country achieved target of electrification

बिजली आर्थिक प्रगति का सुपरहाईवे है। चाहे वह कृषि हो, उद्योग हो, या शिक्षा, नियमित बिजली आपूर्ति विकास के पहियों को चलाती रहती है। निरंतर विद्युत आपूर्ति यह सुनिश्चित करता है कि किसान की जेब में कुछ और पैसे हों, उद्योगों को निर्बाध काम करने की सुविधा मिले, और शिक्षा प्रणाली को भविष्य की पीढ़ियों को पोषित करने में कोई रुकावट नहीं आए। कृषि, उद्योग और शिक्षा, ये तीन स्तंभ महाराष्ट्र ही नहीं, अपितु किसी भी राष्ट्र के विकास के कारक हैं।

विद्युत की आवश्यकता को देखते हुए, केंद्र सरकार ने 2017 में 'सौभाग्य' योजना की शुरुआत की। हर घर को बिजली का कनेक्शन प्रदान करना ही इस योजना का उद्देश्य था। सरकार ने इस मिशन के शीघ्र कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की धन-राशि भी आवंटित किया। 2019 तक, देश में 91% घरों को इस योजना के तहत बिजली कनेक्शन प्रदान किए गए थे। 2019 में मोदी सरकार की वापसी के बाद इस अभियान की गति और तेज़ हुई और अपना लक्ष्य लगभग प्राप्त कर चुकी है। कम से कम महाराष्ट्र के सारे गा‍ँव आज बिजली की रोशनी से चमक रहे हैं।

जलना लोकसभा क्षेत्र के छोटे से गाँव अनाड का उदाहरण इस सफलता का प्रमाण है। इस गाँव में लगभग 950 लोग रहते हैं और केवल 7 सदस्यों की ग्राम पंचायत है, लेकिन अब हर घर को बिजली ग्रिड से जोड़ा गया है। किसी समय में इस अंधेरे गाँव में सूर्यास्त के बाद हनुमान, विठ्ठल-रुक्मिणी और गणपति के मंदिर ही प्रकाश के स्रोत थे, अब रात में भी पूरा गाँव चमकता है। गाँव की महिलाएं अब अधिक समय तक काम कर रही हैं, सिंचाई और कृषि उपकरणों के संचालन लिए बिजली की उपलब्धता से कृषि उत्पादकता बढी है, साथ ही नौनिहाल की पढाई के लिए भी अब दिन कम नहीं पड़ता है।

प्रशासनिक कुशलता और ग्रामीण आबादी को विश्व के विकास से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध, केंद्र सरकार ने 'भारतनेट' पहल के माध्यम से पूरे देश में लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को उच्च गति वाले इंटरनेट से जोड़ने का अभियान चला रखा है। इस योजना के तहत, अब तक 2.11 लाख ग्राम पंचायतों को अधिकतम 7 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क के साथ जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने 1.04 लाख वाई-फाई हॉटस्पॉट को भी सक्रिय किया है।

देश के अंतिम व्यक्ति को सरल जीवन प्रदान करना सरकार का मौलिक कर्तव्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाओं की न केवल शुरुआत की बल्कि द्रुत गति से उनको मूर्त्त रूप भी दे रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+