महाराष्ट्रः सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भाजपा नेता ने कही ये बड़ी बात
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सियासी उठा पटक थमने का नाम नहीं ले रहा है और न ही राजनीतिक गलियारे में बयानबाजी रुक रही है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र बीजेपी के नेता आशीष शेलर ने सुप्रीम कोर्टे के नोटिस पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फसैले से एक बात साफ हो गई है कांग्रेस एनसीपी और शिवसेना की मांग की सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। तीनों पार्टियां मुंह के बल गिरी हैं।
वहीं आशीष शेलर ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा था कि वह कह कह रहे हैं कि रात में शपथ ग्रहण करवाया गया है। हम वो लोग हैं, जो सुबह यानी कि राम प्रहर के वक्त उठ कर शाखा जाते हैं। वो कैसे जानें राम प्रहर की महत्वता को, जो भगवान राम को भूल चुके हों।

वहीं सुप्रीम कोर्ट के सुनवाई के मामले पर आशीष शेलर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट जो भी कहेगा हम उसे मानेंगे। लेकिन राज्यपाल ने हमें 30 नवंबर तक का वक्त दिया है। हम बहुमत साबित करेंगे। हमारे पास 170 से ज्यादा विधायक हैं। इसके अलावा उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि वो कैसे सरकार बना सकते हैं, जो 10 दिन के अंदर कॉमन मिनिमम प्रोग्राम नहीं तय कर पाए।
Ashish Shelar, BJP: We will follow whatever the Supreme Court says but the Governor has given us time till 30th November, we will prove majority with 170 MLAs or more than that. #Maharashtra pic.twitter.com/OMvVnHDdOx
— ANI (@ANI) November 24, 2019
Ashish Shelar, BJP: They say the swearing-in was done in the darkness of the night. We are people who go to shakha early morning and that is Ram Prahar (time) as per our belief. How would they, who forgot lord Ram, understand the importance of Ram Prahar? #Maharashtra pic.twitter.com/ujjpkigkJg
— ANI (@ANI) November 24, 2019
Ashish Shelar, BJP: How can those, who could not decide their Common Minimum Programme in last 10 days, parade MLAs before the Governor in 10 minutes? #Maharashtra https://t.co/MGG7JupO0S
— ANI (@ANI) November 24, 2019
इसके अलावा आशीष शेलर ने कहा कि राज्यपाल ने शिवसेना से सरकार बनाने को लेकर उनकी इच्छा और योग्यता के बारे में पूछा था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार बनाने में रुचि रखना और दिए गए समय पर सरकार बनाना दोनों अलग चीज है और शिवसेना इन दोनो मामलों में फंस गई।
बता दें कि महाराष्ट्र में चल रहे सियासी नाटक के बीच शुक्रवार सुबह देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजीत पवार ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद से महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई है।












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