मराठा साम्राज्य के गौरव प्रतीक वज्रेश्वरी मंदिर में 12 लाख रुपए की डकैती, जानिए मंदिर का इतिहास
मुंबई। महाराष्ट्र के भिवंडी तहसील स्थित वज्रेश्वरी मंदिर में डकैती का मामला सामने आया है। हथियारों के बल पर डकैतों ने मंदिर के गार्ड को बांधकर मंदिर में लूट की हुई है। 12 लाख रुपए की लूट का दावा मंदिर ट्रस्ट कर रहा है। पालघर की स्थानीय पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 3 बजे के आसपास तलवार और चाकू से लैस 4-5 बदमाशों ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया। मंदिर के गार्ड को बांधने के बाद बदमाश मंदिर के अंदर घुसे और कोष को तोड़कर श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सामान लूट ले गए।

पुलिस ने जांच के लिए शुक्रवार को मंदिर बंद करवा दिया। इस दौरान गांव के करीब आधा दर्जन स्थानीय लोगों ने मंदिर बंद का विरोध किया। मंदिर व्यवस्थापन के सदस्य मोक्षदा गोसावी ने बताया की देवी के उत्सव काल के कारण भाविकों की तादाद ज्यादा थी। तो इसी कारण डोनेशन बॉक्स तोड़कर ले जाई गई राशि 12 लाख तक हो सकती है। भिंवडी के डीवाइएसपी दीलीप गोडबोले का कहना है, पुलिस ने बताया की तकरीबन 7 से 8 लाख की लूट है। मुंह पर कपड़ा बांधकर 5 बदमाश मंदिर के पिछले हिस्से से आए। मंदिर के गार्ड के हाथ पैर बांधकर उन्होंने डकैती की। डोनेशन बॉक्स तोड़कर उससे कैश निकालकर उसे बोरी में बांधकर भाग गए।
क्या है मंदिर का इतिहास
यह मंदिर मराठा साम्राज्य के गौरव प्रतीकों में से एक है। यह 52 सीढ़ियों वाली एक पहाड़ी पर स्थित है, जहां आसानी से जाया जा सकता है। इसे पेशवा बाजीराव प्रथम के छोटे भाई जनरल चिमाजी अप्पा ने 280 साल पूर्व बनवाया था। 1739 में वसई में बेसिन किले को पुर्तगालियों के कब्जे से मुक्त कराने में सफल होने के बाद वजरेश्वरी देवी का आभार व्यक्त करने के लिए मंदिर का निर्माण कराया गया था। लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक इस मंदिर के करीब 12 गर्म पानी के झरने हैं, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।












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