Mahakumbh 2025: संगम का जल नहाने लायक था या नहीं? सरकार ने संसद में दी जानकारी
Mahakumbh 2025: केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की नई रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में गंगा का पानी स्नान के लिए उपयुक्त था।
समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया और कांग्रेस सांसद के सुधाकरन के सवालों के जवाब में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ये जवाब दिया।

पर्यावरण मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि CPCB रिपोर्ट के अनुसार, जहां से भी सैंपल लिए गए थे उन सभी स्थानों पर PH, घुलित ऑक्सीजन, बायोकैमिकल ऑक्सीजन डिमांड और फेकल कॉलिफॉर्म (FC) के औसत मान स्नान के लिए जरूरी मान के सीमा के भीतर ही थे।
सांख्यिकीय विश्लेषण के आधार पर रिपोर्ट पेश
3 फरवरी को CPCB ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को सूचित किया था कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के कई स्थानों पर पानी उच्च फेकल कॉलिफॉर्म स्तरों के कारण प्राथमिक स्नान जल गुणवत्ता मानक को पूरा नहीं कर रहा था।
हालांकि, 28 फरवरी को ट्रिब्यूनल में प्रस्तुत एक नई रिपोर्ट में CPCB ने कहा कि सांख्यिकीय विश्लेषण से पता चला कि महाकुंभ के दौरान पानी की गुणवत्ता स्नान के लिए उपयुक्त थी।
इसलिए सांख्यिकीय विश्लेषण जरूरी था
रिपोर्ट में कहा गया कि, सांख्यिकीय विश्लेषण इसलिए जरूरी था क्योंकि जारी किए गए डेटा में भिन्नता देखी गई थी। जो कि एक ही स्थान से एक ही दिन में या अलग-अलग तारीखों पर एक ही स्थान से एकत्र किए गए नमूनों में मौजूद थी और इसलिए ये कुल मिलाकर नदी की जल गुणवत्ता" को सही तरीके से दर्शाने में सक्षम नहीं थे। इसी को लेकर सांख्यिकीय विश्लेषण किया गया।
हर सप्ताह दो बार जल की जांच की गई
फरवरी 28 को जारी रिपोर्ट और 7 मार्च को ट्रिब्यूनल की वेबसाइट पर अपलोड की गई रिपोर्ट में कहा गया कि, बोर्ड ने 12 जनवरी से हर सप्ताह दो बार जल की जांच की गई थी। जिसमें अमृत स्नान के दिन भी शामिल थे। और यह सैंपल गंगा नदी के पांच स्थान और यमुन नदी के दो स्थानों पर की गई थी।












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