मध्य प्रदेश: अस्पताल में रखे मरीज के शव की आंखों में लगी थी चीटियां, सिविल सर्जन समेत 5 निलंबित
भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बेहद ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शिवपुरी के जिस अस्पताल को कभी जिले का नंबर वन अस्पताल कहा जाता था, वहां ऐसी लापरवाही सामने आई है जिसकी किसी कर्मचारी को भनक भी नहीं लगी। अस्पताल के बेड पर एक शख्स की लाश घंटों तक यूं ही पड़ी रही। यहां तक कि मृतक के शव पर चीटिंयां चल रही थीं और आंखों तक को खाना शुरू कर दिया था लेकिन अस्पताल प्रशासन को इनकी खबर नहीं थी।

मरीज के शव पर रेंग रही थी चीटियां
इस दौरान अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों की नजर जब लाश पर पड़ी तो उनके होश उड़ गए। ये मामला मीडिया में आने के बाद हड़कंप मच गया। सीएम ऑफिस, मध्य प्रदेश की तरफ से भी ट्वीट कर इस मामले में कार्रवाई करने की बात कही गई है। सीएम कमलनाथ के ऑफिस की तरफ से ट्वीट किया गया, 'शिवपुरी में ज़िला अस्पताल में एक मरीज़ की मौत होने पर उसके शव पर चीटियां चलने व इस घटना पर बरती गयी लापरवाही की घटना बेहद असंवेदनशीलता की परियाचक।'
सीएम ऑफिस ने किया ट्वीट
सीएम ऑफिस की तरफ से कहा गया, 'ऐसी घटनाएं मानवता व इंसानियत को शर्मसार करती है, बर्दाश्त कतई नहीं की जा सकती है। घटना के जांच के आदेश दिए गए हैं और जांच में दोषी व लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।' लापरवाही के इस मामले में एक सिविल सर्जन सहित 5 डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि कुछ मरीजों के सहयोग से रामश्री खुद ही अपने पति के शव को लेकर वहां गई और अस्पताल प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
5 डॉक्टर निलंबित
दरअसल, जिला अस्पताल में 50 साल के बालचंद्र लोधी को इलाज के लिए लाया गया था, 2 दिनों पहले ही उनको मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। बालचंद्र लोधी की सुबह 6 बजे मौत हो गई थी, लेकिन उनकी मौत के घंटों बाद भी किसी स्टाफ ने उनकी सुध नहीं ली। बता दें कि हाल ही में, इसी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद वाहन या स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया था। जिसके बाद मरीज के परिजन शव को कंधों पर रखकर ले जा रहे थे। इसी जिला अस्पताल में कुछ महीने पहले, एक मरीज की गला रेतकर हत्या करने का मामला भी सामने आया था।












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