हंगामे की भेंट चढ़ रहे मानसून सत्र से वेंकैया नायडू चिंतित, सत्ता पक्ष और विपक्षी सांसदों से की मुलाकात: सूत्र
नई दिल्ली, 4 अगस्त। कोरोना वायरस संकट के बीच 19 जुलाई, 2021 से शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र अब तक हंगामे की भेंट ही चढ़ता आया है। पेगासस जासूसी और किसान आंदोलन समेत कई मुद्दों पर चर्चा के लिए विपक्ष ने बुधवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा किया। इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सत्ता पक्ष और विपक्ष से कहा कि व्यापक सहमति से ही मुद्दों को सदन में चर्चा के लिए उठाया जा सकता है। नायडू ने उन दलों के नेताओं से भी मुलाकात की जो सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राज्यसभा के चेयरमैन एम वेंकैया नायडू ने उन सांसदों के भी मुलाकात की जो सदन की कार्यवाही को बाधित नहीं कर रहे और इसके सुचारू संचालन की मांग कर रहे हैं। वेंकैया नायडू ने आज 12वें दिन भी सदन की कार्यवाही ना चलने पर चिंता व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने नेताओं से किसानों के मुद्दों, मूल्य वृद्धि, बेरोजगारी पर चर्चा के लिए सदन के विभिन्न वर्गों के बीच व्यापक समझौते के संदर्भ में सदन में सामान्य स्थिति की वापसी को सक्षम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।
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सूत्रों ने बताया कि एम वेंकैया नायडू ने कहा, सदन के नियमों और परंपराओं के अनुसार जिन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच समझौता होता है उनको सदन में चर्चा के लिए लाया जाता है। इसके अलावा उन्होंने एक से अधिक बार दोनों पक्षों से सदन के एजेंडे पर काम करने का आग्रह किया। नायडू ने सांसदों को किसानों के मुद्दों, मूल्य वृद्धि और बेरोजगारी पर चर्चा करने के लिए अब सदन में एक व्यापक समझ पैदा हुई है और इन मुद्दों के महत्व को देखते हुए इसका लाभ उठाया जाना चाहिए।












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