छेड़खानी के खिलाफ इस छात्रा ने लिखा ऐसा फेसबुक पोस्ट, एक बार जरुर पढ़ना चाहेंगे आप
सौम्या ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि मेरे साथ छेड़खानी की घटना हुई। जिस शख्स ने इस घटना को अंजाम दिया उसकी उम्र 40 साल के आस-पास थी। ये पूरा घटनाक्रम बस में हुआ।
नई दिल्ली। भले ही केंद्र या फिर राज्य सरकारें में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कड़ा से कड़ा कानून बना दें, बावजूद इसके महिलाओं से छेड़खानी और यौन-प्रताड़ना के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसा ही चौंकाने वाला मामला लखनऊ की लॉ स्टूडेंट सौम्या गुप्ता के साथ सामने आया है। उनका आरोप है कि दिसंबर 2016 में उनके साथ एक शख्स ने यौन प्रताड़ना की कोशिश की थी। ये पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ जब वो यात्रा कर रही थी। उन्होंने बिना देर किए घटना की एफआईआर नजदीकी पुलिस थाने में दर्ज कराई। हालांकि इससे पहले छात्रा के साथ यात्रा कर रहे लोगों ने छात्रा को डराते हुए कहा था कि वो आरोपी के खिलाफ शिकायत नहीं करें, ये उनके लिए खतरनाक हो सकता है। वहीं कुछ लोगों ने उनसे आरोपी को माफ करने की अपील की, उनका कहना था कि आरोपी दो बच्चों के पिता हैं।

फिलहाल लॉ स्टूडेंट सौम्या गुप्ता ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई, साथ ही एक फेसबुक पोस्ट भी लिखा। उन्होंने लिखा कि कैसे छेड़खानी का विरोध नहीं करना लोगों को ऐसे अभद्र व्यवहार करने के लिए प्रोत्साहित करता है। सौम्या ने अपने फेसबुक पोस्ट में अपने साथ हुई घटना जिक्र किया। उन्होंने लिखा... मेरे साथ छेड़खानी की घटना हुई। जिस शख्स ने इस घटना को अंजाम दिया उसकी उम्र 40 साल के आस-पास थी। ये पूरा घटनाक्रम बस से घर लौटने के दौरान हुई, बस में उस दौरान 30 से 35 लोग थे। ये पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ जब मैं बस की सबसे पिछली सीट से बिल्कुल आगे वाली सीट पर बैठी थी। वह शख्स मेरी सीट से बिल्कुल पीछे बैठा था, उसने गलत तरीके से छूने की कोशिश की। मैं तुरंत अपनी सीट से उठी और आरोपी शख्स से उसका आईडी कार्ड मांगा। आरोपी शख्स ने देने से मना कर दिया। मुझे अपने सहयात्रियों से भी सहयोग मिला। आरोपी शख्स इस दौरान माफी मांगने लगा। मेरे सहयात्रियों ने मुझसे कहा कि इसे छोड़ दीजिए और जाने दीजिए। लेकिन मैं कुछ और ही तय कर रखा था। मैं इसे जाने नहीं दूंगी।
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फेसबुक पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा कि आखिर मैं उसे जाने क्यों दूं? बस माफी मांग के ही उसे वहां से जाने दिया जाए? माफी उनके लिए एक हथियार की तरह है, क्योंकि छेड़खानी इतना बड़ा गुनाह नहीं है? क्या हम उनके बलात्कारी होने का इंतजार करेंगे? बिना लड़की की इच्छा के उसके साथ किया गया कोई भी गलत व्यवहार कार्रवाई के काबिल है। मैंने बस ड्राइवर से अगले पुलिस थाने में बस को रोकने के लिए कहा। मैं पुलिस थाने में गई और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस स्टेशन में भी जो रवैया नजर आया वो बिल्कुल भी सहायक नहीं था। हालांकि एफआईआर के बाद मैं वहां से लौट आई। इस बीच जब मैं बस में वापस आई तो कुछ दूर जाने के बाद ऐसे लगा जैसे मेरे ही चरित्र पर लोगों ने उंगलियां उठाना शुरू कर दिया। आरोपी शख्स दो बच्चों का पिता था इसलिए वो निर्दोष मान लिया गया। बावजूद इसके मैं अपने फैसले से खुश थी कि मैंने उस शख्स को यूं ही नहीं जाने दिया। मैं हमेशा ऐसी घटनाओं के खिलाफ लड़ूंगी क्योंकि छेड़खानी छोटी घटना नहीं होती है। इस बात का इंतजार मत करिए की छेड़खानी करने वाला शख्स बलात्कारी बन जाए। कोई भी आपके खिलाफ गलत हरकत करता है तो तुरंत प्रतिक्रिया दीजिए। उनके इस फेसबुक पोस्ट के बाद छात्रा के समर्थन में कई प्रतिक्रियाएं आई हैं। जिसमें छात्रा के कदम को सराहा गया और इसे मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए कहा गया है। पढ़िए सौम्या का फेसबुक पोस्ट...












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