LPG Crisis Explained: भारत के पास 10 दिन की गैस बची? ईरान जंग लंबी चली तो सिलेंडर कहां से आएगा? सरकार का प्लान
LPG Crisis Explained In Hindi: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल-गैस सप्लाई पर पड़ रहे असर के बीच देश में एक सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या भारत में LPG खत्म होने वाली है। दरअसल ईरान और इजरायल जंग (Iran-Israel conflict) की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मची हुई है।
इसी वजह से भारत में LPG की सप्लाई और स्टॉक को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आइए समझते हैं कि देश के पास कितने दिन की गैस है, सप्लाई क्यों प्रभावित हुई और अगर जंग लंबी चली तो सरकार के पास क्या विकल्प हैं। सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं और लोग जल्दी-जल्दी गैस सिलेंडर बुक करने लगे हैं। लेकिन सरकार ने साफ कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है और घरेलू LPG सप्लाई सामान्य है।

▶️ भारत LPG पर कितना निर्भर है (India LPG Consumption)
भारत दुनिया के सबसे बड़े LPG उपभोक्ता देशों में शामिल है। देश को हर साल करीब 33 मिलियन मीट्रिक टन LPG की जरूरत पड़ती है। अगर इसे घरेलू सिलेंडरों के हिसाब से देखें तो सालभर में लगभग 235 करोड़ सिलेंडर इस्तेमाल होते हैं। यानी रोजाना करीब 64 लाख सिलेंडर की खपत होती है।
इसमें सबसे बड़ा हिस्सा घरों का है। देश में इस्तेमाल होने वाली LPG का करीब 88 प्रतिशत हिस्सा घरेलू रसोई में जाता है। बाकी लगभग 12 प्रतिशत गैस होटल, रेस्टोरेंट, इंडस्ट्री और दूसरे कॉमर्शियल कामों में इस्तेमाल होती है।
हालांकि एक बड़ी चुनौती यह है कि भारत अपनी जरूरत की लगभग 60 प्रतिशत LPG विदेशों से आयात करता है, जबकि बाकी गैस देश की रिफाइनरियों में तैयार होती है।
▶️ भारत के पास कितने दिन की LPG बची है (LPG Stock In India)
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के पास फिलहाल करीब 10 दिन का बफर LPG स्टॉक मौजूद है। हालांकि यह केवल तत्काल उपलब्ध स्टॉक का अनुमान है।
- अगर उन जहाजों को भी जोड़ लिया जाए जो LPG लेकर भारत की ओर आ रहे हैं, तो यह सप्लाई लगभग 40 से 45 दिनों तक चल सकती है। इसके अलावा एक और अनुमान भी लगाया गया है जिसमें कच्चे तेल और रणनीतिक भंडार को शामिल किया गया है। इस आकलन के अनुसार देश करीब 8 सप्ताह तक अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है।
- सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को लेकर कोई संकट नहीं है और पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। 12 मार्च 2026 की सुबह ही खबर आई है कि ईरान ने दो भारतीय टैंकरों को Strait of Hormuz से गुजरने की दी अनुमति दे दी है। भारत के झंडे वाले तेल टैंकर Pushpak और Parimal होरमुज से गुजरने दिया गया। यह फैसला भारत और ईरान के बीच उच्च स्तर की कूटनीतिक बातचीत के बाद लिया गया।
- बताया जा रहा है कि मौजूदा पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले कई जहाजों पर खतरा बना हुआ है। ऐसे में अमेरिका, यूरोप और इज़रायल से जुड़े जहाजों पर सख्त निगरानी और प्रतिबंध लगाए गए हैं, जबकि भारतीय टैंकरों को फिलहाल सुरक्षित रास्ता दिया गया है।

▶️ होरमुज स्ट्रेट बंद होने से क्यों बढ़ी चिंता (Strait of Hormuz Crisis)
भारत के लिए एक बड़ी चिंता फारस की खाड़ी का वह समुद्री रास्ता है जिससे तेल और गैस की बड़ी मात्रा आती है। Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है।
UAE, कतर, सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से आने वाला तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। जंग से पहले इस रास्ते से रोजाना करीब 153 जहाज गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर लगभग 13 के आसपास रह गई है।
शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक फारस की खाड़ी में भारत के झंडे वाले करीब 28 जहाज मौजूद हैं। इनमें से 24 जहाज होरमुज के पश्चिम में हैं, जबकि चार जहाज सीधे इस जलमार्ग के पास हैं। हाल ही में एक थाई कार्गो शिप पर हमला भी हुआ था, जिससे इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
▶️ सरकार ने संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाए (Government Measures)
स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। जमाखोरी और घबराहट में बुकिंग रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया गया है। सरकार ने गैस बुकिंग के बीच का समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है ताकि लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा न करें।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार देश में घरेलू LPG की डिलीवरी सामान्य है और औसतन 2.5 दिन में सिलेंडर पहुंच रहा है। इसके अलावा सभी रिफाइनरियों को अधिकतम क्षमता पर उत्पादन करने के निर्देश दिए गए हैं। घरेलू LPG उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है ताकि आयात में कमी की भरपाई हो सके।
घरेलू उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। इसके बाद अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को गैस दी जा रही है। वहीं होटल और रेस्टोरेंट जैसे कॉमर्शियल सेक्टर में सप्लाई कुछ जगह प्रभावित हुई है।
▶️ अगर जंग लंबी चली तो भारत कहां से लाएगा LPG (Alternative LPG Supply)
अगर पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबा चलता है तो भारत नए गैस सप्लायर्स की ओर रुख कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक अमेरिका और नॉर्वे से LPG आयात करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीकी देशों जैसे अल्जीरिया, नाइजीरिया और अंगोला भी संभावित सप्लायर हो सकते हैं।
हालांकि इन देशों से गैस आने में ज्यादा समय लगता है। शिपिंग इंडस्ट्री के मुताबिक अमेरिका या नॉर्वे से भारत तक LPG पहुंचने में लगभग दो महीने लग सकते हैं।
इसी बीच भारत ने रूस से भी बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का ऑर्डर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 2.2 करोड़ बैरल रूसी कच्चा तेल लेकर जहाज भारत की ओर आ रहे हैं।
▶️ LPG की किल्लत में आपके पास क्या विकल्प हैं (Cooking Alternatives)
अगर किसी वजह से गैस की सप्लाई प्रभावित होती है तो कुछ विकल्प अपनाए जा सकते हैं। इंडक्शन कुकटॉप एक आसान विकल्प है जो बिजली से चलता है। इसमें आधे घंटे खाना पकाने में करीब एक यूनिट बिजली लगती है।
सोलर कुकर भी अच्छा विकल्प है जिसमें धूप की मदद से चावल, दाल और सब्जी बनाई जा सकती है। इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर कम बिजली में काम करता है और इसमें खाना जल्दी पक जाता है। अगर जगह हो तो छोटा बायोगैस प्लांट भी लगाया जा सकता है जिससे गोबर और जैविक कचरे से गैस बनती है।
▶️ LPG होती क्या है और कैसे बनती है (What Is LPG)
LPG यानी लिक्विड पेट्रोलियम गैस मुख्य रूप से दो गैसों का मिश्रण होती है - प्रोपेन और ब्यूटेन। यह गैस सीधे जमीन से नहीं निकलती। यह कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की प्रोसेसिंग के दौरान बनने वाला एक बाय-प्रोडक्ट होती है। जब रिफाइनरियों में पेट्रोल, डीजल और केरोसिन तैयार किए जाते हैं, तब कुछ गैसें निकलती हैं जिन्हें इकट्ठा करके LPG बनाया जाता है।
इसके अलावा तेल और गैस के कुओं से निकलने वाली गैसों को अलग करके भी LPG तैयार की जाती है। बाद में इसे हाई प्रेशर में सिलेंडरों में भर दिया जाता है जिससे यह तरल रूप में आ जाती है। LPG में प्राकृतिक रूप से कोई गंध नहीं होती। इसलिए इसमें एथिल मरकैप्टन नाम का केमिकल मिलाया जाता है ताकि गैस लीक होने पर तुरंत पता चल सके।
▶️ FAQs (LPG Crisis को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
सवाल: क्या भारत में LPG खत्म होने वाली है?
जवाब: फिलहाल सरकार के मुताबिक घरेलू LPG की सप्लाई सामान्य है और घबराने की जरूरत नहीं है।
सवाल: भारत के पास कितने दिन की LPG का स्टॉक है?
जवाब: तत्काल उपलब्ध बफर स्टॉक करीब 10 दिन का माना जा रहा है, लेकिन समुद्र में आ रहे जहाजों को जोड़ने पर यह सप्लाई 40-45 दिन तक चल सकती है।
सवाल: LPG की कमी क्यों हो रही है?
जवाब: पश्चिम एशिया में तनाव और होरमुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घटने से वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई है।
सवाल: सरकार लोगों से गैस जल्दी बुक न करने की अपील क्यों कर रही है?
जवाब: क्योंकि अफवाहों के कारण पैनिक बुकिंग बढ़ गई है। सरकार का कहना है कि औसतन 2.5 दिन में सिलेंडर की डिलीवरी हो रही है।
सवाल: अगर जंग लंबी चली तो भारत क्या करेगा?
जवाब: भारत अमेरिका, नॉर्वे, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीकी देशों से LPG खरीदने की योजना बना सकता है।
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