'SEBI चीफ का अभी तक इस्तीफा क्यों नहीं?' हिंडनबर्ग के नए खुलासे पर राहुल गांधी ने केंद्र को घेरा, उठाए कई सवाल
अडानी ग्रुप को लेकर हिंडनबर्ग की ताजा रिपोर्ट (Hindenburg Research Report) को लेकर एक बार फिर से बवाल मचा हुआ है। इस बार सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch)और उनके पति धवल बुच (Dhaval Buch) की भूमिका पर सवाल उठाए गए। इस बीच एक बार फिर से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र की मोदी को सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि अगर निवेशकों के गाढ़ी कमाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है, तो इसका जिम्मेदार कौन है?
हिंडनबर्ग की ताजा रिपोर्ट को बुच दंपति ने पहले एक संयुक्त बयान जारी कर आरोपों को खारिज किया। इसके अलावा सेबी ने एक से बयान जारी कर हिंडनबर्ग के आरोपों को अनुचित करार दिया। वहीं कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार को एक बार फिर बड़े पूंजीपतियों के साथ अनुचित तरीके से खड़े रहने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र का व्यवहार मामले में पक्षपातपूर्ण रहा है।

वहीं इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी केंद्र पर तीखा हमला बोला उन्होंने कहा, "...कल्पना करें भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच हो और इसको लेकर अंपायर ने पहले से समझौता कर लिया हो... तो परिणाम क्या होगा? मैच देखने वाला हर शख्स कैसा महसूस करेगा?"
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "भारतीय शेयर बाज़ार में बिल्कुल यही हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों में, बड़ी संख्या में लोग भारत के शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं। वे अपनी मेहनत की कमाई, ईमानदारी से अर्जित बचत को शेयर बाजार में निवेश करते हैं। विपक्ष के नेता (लोकसभा में) के रूप में यह मेरा कर्तव्य है कि मैं आपके ध्यान में लाऊं कि भारतीय शेयर बाजार में एक महत्वपूर्ण जोखिम है क्योंकि शेयर बाजार को नियंत्रित करने वाली संस्था से समझौता किया गया है।"
नेता प्रतिपक्ष ने सावल किया कि इतने बड़े आरोप लगने के बावजूद अब तक सेबी चीफ ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया। उन्होंने पद से हट जाना चाहिए और अपने ऊपर लगे आरोपों की निष्पक्ष चांज में सहयोग करना चाहिए।












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