भगोड़े नीरव मोदी की हिरासत 27 जून तक बढ़ी, प्रत्यर्पण मामले में 29 जुलाई को सुनवाई
नई दिल्ली। देश के बैंकों को हजारों करोड़ रूपए का चूना लगाकर फरार हीरा व्यापारी नीरव मोदी की गुरुवार को यूके की अदालत में पेशी हुई। गुरुवार को लंदन की वेस्टमिंस्टर अदालत में नीरव की पेशी हुई जिसके बाद कोर्ट ने नीरव की हिरासत को 27 जून तक बढ़ा दिया। 13700 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले का आरोपी नीरव साउथ-वेस्ट लंदन की वांड्सवर्थ जेल में बंद है।

भगोड़े नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले में अब 29 जुलाई को सुनवाई होगी। नीरव मोदी की जमानत याचिका को कोर्ट ने तीन बार खारिज कर दिया था। चीफ मजिस्ट्रेट एमा आर्बूथनॉट ने वेस्टमिस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में तीसरी सुनवाई के दौरान नीरव मोदी को जमानत देने से इनकार कर दिया था। यह सुनवाई मई माह की शुरुआत में हुई थी।
नीरव मोदी को 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था, नीरव को स्कॉटलैंड यार्ड ने गिरफ्तार किया था। नीरव को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वह सेंट्रल लंदन स्थित मेट्रो बैंक में नया खाता खुलवाने की कोशिश कर रहा था। उसके बाद से ही वह जेल में बंद हैं। वह कई बार जमानत की अर्जी दे चुका है लेकिन कोर्ट ने हर बार इस अर्जी को खारिज कर दिया है। जज एम्मा अबर्थनॉट ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा था कि यह बड़े फ्रॉड का केस है जिससे भारतीय बैंक को नुकसान हुआ।
प्रत्यर्पण मामले में 29 जुलाई को होगी सुनवाई
जुलाई 2018 में ही प्रवर्तन निदेशालय ने नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। 13,500 करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का आरोपी देश छोड़कर फरार हो गया था। प्रवर्तन निदेशालय ने नीरव की विभिन्न देशों में संपत्तियों को जब्त किया था। भारत सरकार की कोशिश है कि लंदन से उसे प्रत्यर्पित कराकर वापस लाया जाए।












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