Vidisha lok sabha Chunav: विदिशा एमपी रमाकांत भार्गव से लोग कितना खुश, किसे देखना चाहते हैं अगला सांसद
loksabha elections 2024: विदिशा लोकसभा क्षेत्र की भोजपुर विधानसभा सीट के बाद वन इंडिया की टीम विदिशा विधानसभा क्षेत्र में पहुंची जहां पर पंचायत पीपल खेड़ा के लोगों ने बताया कि लगातार 3 साल से भी संसद को गांव में भौतिक सुख सुविधाओं के लिए आवेदन पर आवेदन दे रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई जबकि उनके गांव में शमशान और रोड नाली की समस्या है।
ग्रामीण रामबाबू मीणा ने बताया कि भी लगातार तीन बार भाजपा सांसद रमाकांत भार्गव को गांव की समस्याओं के बारे में बता चुके हैं लेकिन अब तक उनकी तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है ना ही कोई सहायता दी गई है।

ग्रामीण श्मशान घाट के लिए परेशान है। बारिश के दिनों में ग्रामीणों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं उन्होंने लोकसभा 2024 को लेकर कहा कि अगर हमारी पंचायत में इसी प्रकार से सरकार का रुख रहा तो ग्रामीण चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
पूर्व सरपंच रामबाबू मीणा ने बताया कि मैं खुद सांसद जी से मिलकर कई बार गांव की समस्या के बारे में बता चुके हैं लेकिन संसद द्वारा फंड की कमी का बहाना बनाकर कोई विकास कार्य नहीं किया जा रहा है। जबकि उनके गांव से लगातार भाजपा जीती आ रही है।

विदिशा सांसद कौन? लोगों को नहीं पता
भोजपुर विधानसभा के बाद विदिशा विधानसभा क्षेत्र में जब वन इंडिया ने लोगों से स्थानीय सांसद के बारे में पूछा तो लोगों को संसद का नाम तक नहीं पता था। सतपाड़ा पंचायत के रहने वाले गोपाल शर्मा ने बताया कि उन्होंने कभी सांसद को नहीं देखा, नहीं उनका नाम पता है। सांसद के कामों को लेकर उन्होंने कहा कि हमने तो कभी सांसद का नाम ही नहीं सुना तो काम कहां से बता दें। वहीं आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा है कि अगला सांसद तो भाजपा से ही होगा, लेकिन वर्तमान सांसद को टिकट नहीं देना चाहिए।
विदिशा से कौन हो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रत्याशी
कांग्रेस से लोकसभा प्रत्याशी किसे होना चाहिये इस सवाल के जवाब में ग्रामीणों ने बताया कि कांग्रेस में ऐसा कोई नेट नहीं है जो भाजपा को टक्कर दे सके लेकिन पूर्व विधायक शशांक भार्गव का नाम ग्रामीणों की जुबान पर सामने आया। कांग्रेस नेता कमल विश्वकर्मा ने भी शशांक भार्गव को लोकसभा उम्मीदवार बनाने के लिए कहा।
हालांकि स्थानीय पत्रकार दीपक कपूर ने बताया कि इस बार हालांकि इस बार शशांक भार्गव करीब 12000 से ज्यादा वोटो से विधानसभा चुनाव हार गए थे। वही विदिशा जिले में कांग्रेस एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो सकी इसलिए लोकसभा चुनाव में यहां पर कांग्रेस को कड़ी मेहनत करनी होगी।
विदिशा लोकसभा की 8 विधानसभा सीटों पर क्या है जाति समीकरण
विदिशा लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटें आती हैं। जिसके अंतर्गत भोजपुर विधानसभा, सांची, सिलवानी, विदिशा, बासौदा, बुधनी, इछावर और खातेगांव विधानसभा शामिल है। जाति का समीकरण की बात करें तो यहां पर बौद्ध धर्म को मानने वाले 0.03%, क्रिश्चियन 0.13%, जैन 0.79%, मुस्लिम 9.98%, अनुसूचित जाति 16.6%,अनुसूचित जाति जनजाति 16.6%, सिख 0.11 हैं।
विदिशा संसदीय क्षेत्र में विभिन्न चुनावों में विभिन्न सांसदों ने जीत की हासिल
- 2019: रमाकांत भार्गव (भाजपा) ने शैलेंद्र पटेल (कांग्रेस) को हराया था।
- 2014: सुषमा स्वराज (भाजपा) ने लक्ष्मण सिंह (कांग्रेस) को हराया था।
- 2009: सुषमा स्वराज (भाजपा) ने चौधरी मुनव्वर सलीम (सपा) को हराया था।
- 2006 (उप चुनाव): रामपाल सिंह ने राजश्री सिंह (कांग्रेस) को हराया था।
- 2004: शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा प्रसाद शर्मा (कांग्रेस) को हराया था।
- 1999: शिवराज सिंह चौहान ने जसवंत सिंह (कांग्रेस) को हराया था।
- 1998: शिवराज सिंह चौहान ने आशुतोष दयाल शर्मा (कांग्रेस) को हराया था।
- 1996: शिवराज सिंह चौहान ने हृदय मोहन जैन (कांग्रेस) को हराया था।
- 1991: शिवराज सिंह चौहान ने प्रतापभानु शर्मा (कांग्रेस) को हराया था।
- 1989: राघवजी ने प्रतापभानु शर्मा (कांग्रेस) को हराया था।
- 1984: प्रतापभानु शर्मा (कांग्रेस) ने राघवजी (भाजपा) को हराया था।
- 1980: प्रतापभानु शर्मा (कांग्रेस) ने राघवजी (भाजपा) को हराया था।
- 1977: राघवजी ने गुफराने आजम (कांग्रेस) को हराया था।
- 1971: रामनाथ गोयनका ने मणिभाई पटेल (कांग्रेस) को हराया था।
- 1967: शिव शर्मा ने रामसहाय पांडे (कांग्रेस) को हराया था।
- विदिशा संसदीय क्षेत्र में कुल मतदाता 19,19,785 हैं, जिनमें पुरुष मतदाता 9,96,048, महिला मतदाता 9,23,689, और थर्ड जेंडर 48 हैं।












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