दुनिया का सबसे महंगा होगा 2019 का आम चुनाव, मनरेगा के बजट से भी ज्यादा आएगा खर्चा
नई दिल्ली- चुनाव आयोग बहुत जल्द देश में आम चुनाव की घोषणा करने वाला है। लेकिन, आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि यह चुनाव भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ही नहीं, बल्कि दुनिया के लोकतांत्रिक इतिहास का भी सबसे खर्चीला चुनाव होने जा रहा है। यह आकलन एक अमेरिकी थिंक-टैंक के विशेषज्ञ ने दिया है।

कांटे की टक्कर बढ़ाएगा खर्च
अमेरिका में कैरेंजी एंडॉउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस थिंक-टैंक स्थित साउथ एशिया प्रोग्राम के डायरेक्टर मिलन वैष्णव के अनुसार भारत के मौजूदा चुनाव परिणाम की अनिश्चितता ने सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियों में जोर-आजमाइश बढ़ा दी है। क्योंकि, कई सर्वे बता रहे हैं कि बीजेपी और विपक्ष में बहुत कांटे की लड़ाई हो सकती है। इसलिए इस बात में कोई दो राय नहीं कि सभी पार्टियां चुनाव जीतने के लिए अपनी सारी ताकत झोंक देंगी।

70 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च का अनुमान
वैष्णव के मुताबिक अमेरिका में 2016 में हुए राष्ट्रपति और कांग्रेस के चुनाव में कुल करीब 650 करोड़ अमेरिकी डॉलर खर्च हुए, यानि 46 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा। वैष्णव का आकलन है कि अगर पिछले आम चुनाव में भारत में 500 करोड़ अमेरिकी डॉलर यानि 35 हजार करोड़ रुपये भी खर्च हुए हों, तो अबकी बार यह आंकड़ा उससे दोगुना यानि 70 हजार करोड़ रुपये को भी पार जाय तो चौंकने की बात नहीं है। आपको बता दें कि मौजूदा बजट में मनरेगा पर 60 हजार करोड़ और किसान सम्मान निधि पर 75 हजार करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान है। यानि इन दोनों भारी-भरकम सरकारी खर्च से भी ज्यादा रकम भारतीय आने वाले चुनाव में खर्च करने वाले हैं। गौरतलब है कि वैष्णव कई सालों से भारत में चुनावी खर्चों के प्रामाणिक आवाज रहे हैं।

चुनावी बॉन्ड से नहीं बनी बात
दरअसल, ये आकलन उन तथ्यों पर आधारित है कि भारत में अभी चुनावी पारदर्शिता का अभाव है। मौजूदा सरकार ने चुनावी बॉन्ड की व्यवस्था तो की है, लेकिन सच्चाई ये है कि राजनीतिक दलों और नेताओं को मिलने वाली आर्थिक मदद और दान देने वालों का सही-सही पता लगाना बहुत ही मुश्किल है। बहुत कम ही डोनर ऐसे होते हैं, जो अपनी पहचान जाहिर होने देने के लिए तैयार होते हैं। इसलिए खर्च का वास्तविक आंकड़ा जुटा पाना बहुत ही कठिन है।












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