Lok Sabha Speaker Om Birla बोले, नशीली दवाओं का दुरुपयोग बड़ी समस्या, निपटने के लिए समन्वय जरूरी

लोक सभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा, नशीली दवाओं की समस्या से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सीमावर्ती राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।

Lok Sabha Speaker Om Birla

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सीमावर्ती राज्यों के बीच मजबूत समन्वय का आग्रह किया। उन्होंने कहा, Drugs का दुरुपयोग बड़ी समस्या है। इससे निपटने के लिए समन्वय जरूरी है। उन्होंने शुक्रवार को वार्षिक जोन III कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) भारत क्षेत्र सम्मेलन के अवसर पर समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत की।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, "नशीली दवाओं का दुरुपयोग एक राष्ट्रीय समस्या है। यह एक सीमाहीन अपराध है, जो इस समस्या को असाधारण रूप से चुनौतीपूर्ण बनाता है। उत्तर पूर्वी राज्यों और पहाड़ी इलाकों की व्यापक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का जिक्र करते हुए बिड़ला ने कहा, इन कारकों के कारण इस क्षेत्र में, मादक पदार्थों की तस्करी का एक उच्च जोखिम है।

बिड़ला ने कहा कि मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए सभी ड्रग कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय जरूरी है। साथ ही क्षेत्र के सभी सीमावर्ती जिलों और राज्यों के बीच भी समन्वय की तत्काल जरूरत है।

बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने खुद आश्वासन दिया कि मादक पदार्थों की तस्करी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे निपटने में एजेंसियां बहुत सक्षम हैं। साथ ही सभी सीमाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इससे निपटने के लिए सभी एजेंसियां भी काफी चौकस हैं।

बिड़ला ने सभी स्तरों पर जनप्रतिनिधियों से सहयोग और समन्वय करने और हर समुदाय को नशा विरोधी संदेश देने का आग्रह किया और अभियान को एक जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ने साइबर-बुलिंग का मुद्दा भी उठाया और असम सरकार की यू-रिपोर्ट (U-Report) टूल की प्रशंसा की। U-Report ऑनलाइन सुरक्षा के लिए एक इंटरैक्टिव डिजिटल टूल है। बिड़ला ने इसी तरह की पहल को अन्य राज्यों में लागू करने का आह्वान किया।

उन्होंने आगे कहा कि युवाओं को "एडवांसिंग नॉर्थ ईस्ट" के माध्यम से अपनी क्षमता बढ़ाने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के बारे में आवश्यक ज्ञान और मार्गदर्शन प्रदान करेगा। बकौल बिड़ला, समय रहते सुधार और नीतियों और कानूनों को बदलना जरूरी है, ताकि उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए कानूनी प्रणाली को मजबूत किया जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जरूरत पड़ी तो इस समस्या से निपटने के लिए कड़े कानून बनाए जाएंगे।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, पूर्वोत्तर और कई अन्य राज्यों में जिस तरह से नशीले पदार्थों की खपत बढ़ी है, वह चिंता का विषय है। Commonwealth Parliamentary Association (CPA) जोन III में इस पर चर्चा की गई। चूंकि पूर्वोत्तर में एक बड़ा क्षेत्र एक सीमावर्ती क्षेत्र है, इसलिए यह देखा जाना चाहिए कि मादक पदार्थों की तस्करी को कैसे रोका जाए और युवा ड्रग्स का सेवन न करें।

बता दें कि कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) इंडिया रीजन का 19वां वार्षिक जोन III सम्मेलन 23 और 24 फरवरी को सिक्किम के गंगटोक में संपन्न हुआ। दो दिवसीय सम्मेलन में संसद और विधानसभा को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने से लेकर कई मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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