मोदी को देंगे राज ठाकरे समर्थन लेकिन बीजेपी में दो फाड़
मुंबई। रविवार को महाराष्ट्र राजनीति की एक नई तस्वीर सामने आयी। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने खुले तौर पर बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी को सपोर्ट करने का ऐलान कर दिया और कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी एमएनएस नरेंद्र मोदी को समर्थन देगी।
इससे पहले मनसे ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी और कहा था कि भाजपा के खिलाफ वह एक भी उम्मीदवार नहीं उतारेगी। लेकिन आज राज ठाकरे ने कई सीटों से अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा भी की। जिसमें राज की पार्टी ने पुणे सीट से बीजेपी के खिलाफ भी एक कैंडिडेट उतारा है लेकिन राज ठाकरे ने कहा कि उम्मीदवार जरूर उतारा है हमने लेकिन वह मोदी का ही समर्थन करेंगे। हालांकि मुंबई में बीजेपी के खिलाफ कौन खड़ा होगा इसका खुलासा नहीं हुआ है।
मनसे चीफ राज ठाकरे ने कहा कि एमएनएस के जो भी उम्मीदवार जीत कर आएंगे वो सिर्फ और सिर्फ मोदी का समर्थन करेंगे। एमएनएस के 8वें स्थापना दिवस के मौके पर राज ठाकरे ने अपनी पहली लिस्ट जारी की।
मालूम हो कि राज ठाकरे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष जिन उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया है उनमें बाला नंदगांवकर,फिल्मकार महेश मांजरेकर को, साउथ सेंट्रल से आदित्य शिरोडकर और राजू पाटिल जैसे चर्चित नाम हैं।
लेकिन राज ठाकरे की इस नरमी से भाजपा के अंदर घमासान पैदा हो गया है। आधे लोग राज ठाकरे के इस बर्ताव से खुश हैं तो आधे काफी नाराज, सबसे ज्यादा विद्रोह के सुर यूपी और बिहार खेमे से आ रहे हैं। आपको बता दें कि हाल ही में राज ठाकरे और गडकरी की मुलाकात हुई थी, जिस पर शिवसेना ने कड़ा एतराज जताया था मालूम हो कि मनसे की पहली लिस्ट में सात उम्मीदवारों के नाम हैं।
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राहत में भाजपा सकते में विरोधी
महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के इस नरम रवैये से भाजपा ने बहुत राहत की सांस ली है। खासतौर से तब जब पूर्व के चुनावों में मनसे के कारण ही भाजपा कई सीटों पर जीतने की दहलीज पर पहुंचने के बाद हार गई। ऐसे में जिस तरीके से पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने आगे आकर राज ठाकरे को मनाया और बीच का रास्ता निकाला, उसे पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। भाजपा के कई नेता राज ठाकरे की मनसे से दूर की दोस्ती को ही अच्छी मानते हैं।

राज ने ना करो दोस्ती और ना दुश्मनी...
हालांकि अभी भी राज ठाकरे के राजग में शामिल होने की चचायें थमीं नहीं हैं और उत्तर प्रदेश भाजपा नेताओं की बड़ी जमात राज को एनडीए का हिस्सा बनाने के सख्त खिलाफ है। पार्टी के नेता राज ठाकरे से दूर की दोस्ती को ही पार्टी के हित में मान रहे हैं, जिसमें न खुलकर दोस्ती है और न सीधे-सीधे दुश्मनी।

राज ठाकरे को लेकर मतभेद
उप्र के दिग्गज नेताओं ने साफ कह दिया है कि उन्हें उत्तर भारतीय के सम्मान की कीमत पर मनसे को राजग में शामिल करना पसंद नहीं है। राजग कुनबे को बढ़ाने में जुटी नरेंद्र मोदी सेना ने बिहार में रामविलास पासवान को शामिल करने के बाद अब महाराष्ट्र में डेरा डाल दिया है।

राज ठाकरे को लेकर भाजपा में घमासान
भाजपा नेताओं की मनसे प्रमुख राज ठाकरे से राजग में शामिल होने की बात चल रही है। इस दल के राजग कुनबे में शामिल होने की चर्चाओं ने ही उत्तर प्रदेश के भाजपा नेताओं के दिलों की धड़कन को बढ़ा दिया है। राजग कुनबे में शामिल होने वाले इस दल के कारण यहां नेता मानकर चल रहे हैं कि उत्तर भारत के मतदाता अपने सम्मान के साथ समझौता कतई स्वीकार नहीं करेंगे और इसका खामियाजा भी भारतीय जनता पार्टी को ही भुगतना पड़ेगा।

राज ठाकरे काफी आक्रामक हैं...
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के उत्तर प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे कभी उत्तर भारतियों के प्रति आक्रामक नहीं रहे, जबकि मनसे प्रमुख ने कई बार उत्तर भारतियों के प्रति आक्रामकता का परिचय दिया है। जिस सिद्धांत पर राज ठाकरे चलते हैं उससे फायदा भले ही न हो, लेकिन नुकसान होना पक्का है।

क्या बदलेंगे राज ठाकरे?
लक्ष्मीकांत वाजपेयी के मुताबिक, राज ठाकरे की उत्तर भारतियों के संबंध में सोच पर भाजपा नेतृत्व को स्पष्ट वार्ता करनी चाहिए, यदि वह इसमें सुधार करने से सहमत हों तो सहयोग लें, अन्यथा उत्तर भारतियों की कीमत पर सहयोग लेना सामान्यत: उचित नहीं है।"

राज ठाकरे को अपना रवैया बदलना होगा..
भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं महाराष्ट्र भाजपा के सहप्रभारी रहे रमापति राम त्रिपाठी ने कहा कि मनसे, भाजपा और शिवसेना एकजुट हों तो महाराष्ट्र के लिए अच्छा होगा। लेकिन उत्तर भारत में इसका असर न पड़े इसके लिए राज ठाकरे को अपने गैर मराठियों के बारे में विचारधारा को बदलना होगा।

नाराज हो जायेंगे यूपी-बिहार के लोग
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राज ठाकरे की दोस्ती से उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों स्थानों पर पार्टी को नुकसान उठाना पड़ेगा। उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री शिव प्रताप शुक्ला के मुताबिक राज ठाकरे को राजग को शामिल करने से हमारे जो करोड़ों परिवार महाराष्ट्र में हैं उनकी नाराजगी उठानी पड़ सकती है। इससे महाराष्ट्र में ही नहीं यूपी और बिहार में भी उत्तर भारतियों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।

मनसे-भाजपा गठबंधन से नुकसान
महाराष्ट्र के छोटे बड़े हर चुनाव में प्रवास करने वाले विधानपरिषद सदस्य व पूर्व महामंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि इस गठबंधन से लाभ नहीं होगा, क्योंकि आज भी राज ठाकरे के प्रति उत्तर भारतियों में जितना भय है वह शिवसेना के प्रति कभी नहीं रहा और मेरा व्यक्तिगत विचार है कि शिव सेना अभी भी मनसे से बहुत मजबूत है

राज ठाकरे से भाजपा को नुकसान
गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी एवं सांसद योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि राज ठाकरे को राजग में लेने से भाजपा को नुकसान होगा। मुंबई में 40 लाख उत्तर भारतीय मतदाता हैं वह प्रत्येक परिवार पूर्वांचल का कमाऊ परिवार है। उनका निर्णय पार्टी को प्रभावित करेगा।












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