Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Lok Sabha Election से पहले संकट की आहट, लालू के कुनबे पर क्यों मंडराई आफत?

लोकसभा चुनावों के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। लेकिन, पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट के एक निर्देश की वजह से कई नेताओं की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। इसमें बिहार में आरजेडी की फर्स्ट फैमिली लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अदालतों से कहा है कि विधायकों और सांसदों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मुकदमो की सुनवाई में ढिलाई कतई न बरतें और इसमें तारीख पे तारीख की परंपरा बंद कर दें और तेजी से सुनवाई पूरी करें।

now speedy trial in special court

तारीख पे तारीख के दिन लद गए!
इन्हीं निर्देशों के मद्देनजर दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने स्पष्ट किया है कि अब से एक हफ्ते से ज्यादा के लिए सुनवाई स्थगित नहीं होगी। विशेष अदालत ने हर हफ्ते तारीखें देनी शुरू कर दी हैं, ताकि अंतिम फैसले तक पहुंचने में देरी न हो।

लैंड फॉर जॉब स्कैम मुकदमे की सुनवाई में तेजी आनी तय
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू यादव और राबड़ी देवी और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ आईआरसीटी और लैंड फॉर जॉब स्कैम की सुनवाई लंबित है। लेकिन, अदालत के ताजा निर्देशों के बाद इन सबकी ट्रायल में तेजी आनी तय है।

अन्य लोगों के अलावा इस घोटाले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लालू, उनकी पत्नी और बेटे खिलाफ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में केस दर्ज किया हुआ है।

लालू का बिगड़ सकता है सियासी खेल
ऐसे समय में जब लालू के बारे में कहा जा रहा है कि वे अपने बेटे तेजस्वी को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं, भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई में अदालतों की यह सक्रियता उनका सारा खेल बिगाड़ सकती है। ऊपर से लोकसभा चुनावों की भी तैयारियां तेज हो चुकी हैं।

सुप्रीम कोर्ट सुनवाई में तेजी लाने के दिए हैं निर्देश
पिछले साल 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने एक रिट याचिका पर सुनवाई के बाद संबंधित अदालतों को निर्देश जारी किए थे। सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि प्राधिकृत अदालतें 'एमपी और एमएलए के खिलाफ मौत या उम्र कैद की सजा वाले आपराधिक मामलों को पहले प्राथमिकता देंगी, इसके बाद 5 साल या अधिक के कारावास वाले मामलों को और फिर अन्य मुकदमों की सुनवाई करेंगी।'

बहुत ही जरूरी कारणों से ही स्थगित हो सकेगी सुनवाई
सर्वोच्च अदालत ने यह भी साफ कर दिया था कि 'ट्रायल कोर्ट दुर्लभ और बाध्यकारी वजहों को छोड़कर मुकदमो को स्थगित नहीं करेंगी।' इसी आधार पर दिल्ली हाई कोर्ट ने 21 दिसंबर को विशेष अदालतों के लिए निर्देश जारी किए थे।

ताकि जल्द से जल्द अंतिम फैसले तक पहुंच सकें अदालतें
अपने आदेश में हाई कोर्ट ने कहा था, 'प्राधिकृत अदालतें जहां तक संभव हो ऐसे केस को सप्ताह में कम से कम एक बार सूची में रखेंगी, जबतक बहुत ही आवश्यक न हो सुनवाई स्थगित नहीं करेंगी और ऐसे मामलों के जल्द से जल्द निपटारे के लिए सभी उचित कदम उठाएंगी।'

हाईकोर्ट ने यहां तक निर्देश दिया है कि जितना संभव हो, गवाहों से जिरह से संबंधित कार्यवाही को रोजाना जारी रखें, जबतक कि इससे जुड़ी संपूर्ण कार्यवाही पूरी न हो जाए।

स्पेशल जज साप्ताहिक तारीखें देना शुरू कर दिया है
सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई के इन्हीं निर्देशों के आधार पर स्पेशल जज ने एमपी और एमएलए से जुड़े मुकदमो में साप्ताहिक तारीखें देना शुरू कर दिया है।

अदालत ने जांच एजेंसियों के वकीलों को मौखित तौर पर यह भी निर्देश दिया है कि अगर जरूरी हो तो संबंधित जांच अधिकारियों की उपस्थिति भी तारीख पर जरूर सुनिश्चित करवाएं।

अब बड़े वकील करके मुकदमे लटकाने के दिन चले गए!
अभी तक ऐसा देखा गया है कि रसूख की वजह से ऐसे नेता बड़े वकीलों के माध्यम से अदालतों से तारीख पे तारीख लेकर, मुकदमे को लंबा खींचते रहे हैं। लेकिन, जब सुनवाई जल्द होगी तो अदालतों का फैसला भी जल्द आएगा और दोषी पाए जाने पर उनकी मुश्किलें निश्चित तौर पर बढ़ेंगी।

इन नेताओं की भी बढ़ी सकती हैं मुश्किलें
दिल्ली के एमपी, एमएलए कोर्ट की विशेष अदालत की सक्रियता से आरजेडी सांसद एडी सिंह की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिनके खिलाफ ईडी ने फर्टिलाइजर सब्सिडी घोटाले में मामला दर्ज कर रखा है। इसके अलावा दिल्ली शराब नीति घोटाले में आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और पार्टी के सांसद संजय सिंह को भी दिक्कतें हो सकती हैं।

ये दोनों ही नेता अभी इसी मुकदमे के सिलसिले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट के तहत इन नेताओं के खिलाफ मुकदमों की सुनवाई कर रहे एडिश्नल सेशन जज विशाल गोगने ने पिछले हफ्ते ही सुनवाई में तेजी लाने के लिए आदेश जारी किया था और स्थगन की मनाही की थी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+