Lok Sabha Elections 2019: नतीजों से पहले कांग्रेस को लेकर केसीआर का बड़ा इशारा
नई दिल्ली। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है और चुनाव के नतीजों की तारीख करीब आ रही है, विपक्षी दलों के बीच उठापटक तेज हो गई है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव विपक्ष के तमाम नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, माना जा रहा है कि चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद राव सरकार के गठन में अहम भूमिका निभा सकते हैं। सूत्रों की मानें तो केसीआर उप प्रधानमंत्री बनने के इच्छुक हैं और वह इस बाबत अपनी तमाम कोशिशों में जुटे हैं।

उप प्रधानमंत्री पद पर नजर
सूत्र के अनुसार केसीआर का कहना है कि क्षेत्रीय दल एकजुट होकर बड़ी मांग सामने रखनी चाहिए। ना सिर्फ कैबिनेट पद बल्कि उससे भी कुछ बड़ा पद। नीतियों के निर्माण में क्षेत्रीय दलों की अहमम भूमिका होनी चाहिए, साथ ही राज्यपाल की नियुक्ति में भी विपक्ष की भूमिका होनी चाहिए। चुनाव के नतीजे अगर त्रिशंकु होते हैं और किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलता है तो इस तरह की स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

केसीआर की स्टालिन से मुलाकात
केसीआर ने डीएमके के मुखिया एमके स्टालिन से मुलाकात की। मुलाकात के बाद स्टालिन ने भी इस बात का इशारा किया है कि अगर चुनाव के नतीजे निर्णायक नहीं होते हैं तो अन्य विकल्पों की तलाश करनी चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि स्टालिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की बात कह चुके हैं। लेकिन चुनाव के अंतिम दौर में स्टालिन ने जिस तरह से केसीआर से मुलाकात के बाद अपने रुख में तब्दीली की है वह कांग्रेस के लिए राहत भरा हो सकता है।
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कांग्रेस का कर सकते हैं समर्थन
बता दें कि संसद में विश्वास प्रस्ताव के दौरान केसीआर ने भाजपा का साथ दिया था, ऐसे में माना जा रहा था कि वह चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद भी भाजपा का साथ देंगे। केसीआर ने कांग्रेस के साथ किसी भी तरह की बातचीत अभी तक नहीं की है और ना ही कांग्रेस के साथ परोक्ष या अपरोक्ष तरीके के किसी भी गठबंधन की ओर इशारा किया है। सूत्रों की मानें तो स्टालिन से मुलाकात के बाद केसीआऱ के रुख में बदलाव देखने को मिला है। स्टालिन ने केसीआर को कांग्रेस का समर्थन करने को कहा, लेकिन केसीआऱ ने ना इससे इनकार किया और ना ही इसे स्वीकार किया।

कई नेताओं से की मुलाकात
बता दें कि केसीआर पहले ही केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन, एचडी कुमारस्वामी, ममता बनर्जी से मुलाकात कर चुके हैं। उनके पास पहले से ही जगनमोहन रेड्डी का समर्थन है जोकि आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू को कड़ी चुनौती दे रहे हैं। सूत्रों की मानें तो राव को तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश से समर्थन मिल सकता है। साथ ही अगर वह लोकसभा चुनाव में बेहतर सीटें लाने में सफल होते हैं तो ममता बनर्जी, मायावती का भी उन्हे साथ मिलने की उम्मीद है।

क्या है नंबर का खेल
गौरतलब है कि तमिलनाडु में कुल 39 सीटें हैं, जबकि तेलंगाना में केसीआर ने पिछले चुनाव में 17 सीटों पर जीत दर्ज की थी। केरल की 20 सीटों और कर्नाटक की 28 सीटों को मिलाकर कुल 129 सीटें होती हैं, जोकि उत्तर प्रदेश की 80 सीटों और पश्चिम बंगाल की 42सीटों से कहीं अधिक हैं। लेकिन ममता बनर्जी भी खुद अपनी महत्वाकांक्षा जाहिर कर चुकी हैं और उन्होंने इस चुनाव में क्षेत्रीय दलों की बड़ी भूमिका की बात कही है।












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