देशद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे कन्हैया कुमार के नामांकन में आज शामिल होंगे जावेद अख्तर-शबाना आजमी
बेगुसराय। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बेगूसराय से लोकसभा चुनाव के उम्मीदवार कन्हैया कुमार आज अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। कन्हैया कुमार का मुकाबला भाजपा नेता गिरिराज सिंह और महागठबंधन में शामिल आरजेडी उम्मीदवार तनवीर हसन से है। इस सीट पर चौथे चरण में यानी कि 29 अप्रैल को मतदान होना है, खबर है कि उनके नामांकन में आज गीतकार जावेद अख्तर, मशहूर अभिनेत्री समेत शबाना आजमी समेत कई नामचीन हस्तियां शामिल हो सकती हैं।

कन्हैया कुमार के नामांकन में शामिल होंगे जावेद अख्तर-शबाना आजमी
आपको बता दें कि कन्हैया जेएनयू में जब छात्र संघ के अध्यक्ष थे तब यूनिवर्सिटी में देश विरोध नारे लगे थे, जिसके बाद उनके ऊपर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था, इस सिलसिले में बीते शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में लिखित जवाब भी दाखिल किया गया है, जिसमें दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि, पुलिस ने गुपचुप तरीके से और जल्दीबाजी में आरोपपत्र दाखिल किया है जबकि दिल्ली पुलिस ने इस साल 14 जनवरी को कन्हैया कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करते हुए कहा था कि वह 9 फरवरी 2016 को जेएनयू परिसर में निकाले गए जुलूस का नेतृत्व कर रहे थे, उनकी अगुवाई में ही देश विरोधी नारे लगाए जा रहे थे।

मोदी के खिलाफ कन्हैया कुमार
वैसे देखा जाए तो JNU के इस विवादित एपीसोड के ही बाद कन्हैया कुमार पूरे देश में चर्चित हुए थे, वरना इससे पहले कन्हैया कुमार है कौन, इसे जानने में किसी को कोई दिलचस्पी नहीं थी। मूलरूप से बिहार के बेगूसराय के रहने वाले कन्हैया कुमार को इस वक्त भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी एंटी मोदी के रूप में प्रदर्शित कर रही है।

बेगूसराय की लड़ाई काफी रोचक
मशहूर शायर और फिल्म गीतकार जावेद अख्तर और उनकी पत्नी शबाना आजमी आज उनके नामांकन में शामिल होंगे और उनके लिए प्रचार करने वाले हैं, गौरतलब है कि सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिए तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी शबाना आजमी और उनके पति और मशहूर शायर जावेद अख्तर साम्यवादी नाट्य संस्था इप्टा यानी इंडियन पीपुल्स थियेटर के सक्रिय सदस्य हैं, जिनके आने से निश्चित रूप से कन्हैया कुमार के प्रचार में जोर पड़ेगा लेकिन उनका असर कितना होगा यह तो चुनावी नतीजे तय करेंगे लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि कन्हैया की उपस्थिति ने बेगूसराय की लड़ाई को काफी रोचक बना दिया है।












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