Lok Sabha Election Result 2024: आखिर क्यों NDA की जीत में भी हार का एहसास है?
Lok Sabha Election Result 2024: लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं, हालांकि भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है, लेकिन 273 के जादुई आंकड़े से दूर रह गई। लेकिन एनडीए ने बहुमत से कहीं आगे 291 सीटों पर जीत दर्ज की है।
एनडीए लगातार तीसरी बार केंद्र में सरकार का गठन करने जा रही है। लेकिन बावजूद इसके एनडीए की जीत से ज्यादा इंडिया गठबंधन की हार की चर्चा हो रही है। इसकी बड़ी वजह है कि इस चुनाव में इंडिया गठबंधन ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है।

इंडिया गठबंधन ने चौंकाया
इस चुनाव में इंडिया गठबंधन ने हर किसी को चौंकाते हुए कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। एक तरफ जहां भाजपा ने 240 सीटों पर जीत दर्ज की तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने 99 सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने सरकार बनाने की कोशिश करने के सवाल को खारिज नहीं किया और कहा कि गठबंधन के साथियों के साथ चर्चा के बाद हम इस विकल्प पर विचार करेंगे और रणनीति बनाएंगे।
अबकी बार 400 पार का लक्ष्य
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 में भाजपा ने अबकी बार मोदी सरकार नारे के साथ चुनावी अभियान को बढ़ाया और 2019 में पार्टी ने फिर एक बार मोदी सरकार के नारे के साथ चुनाव लड़ा। लेकिन इस बार पार्टी ने अबकी बार 400 पार के नारे पर चुनाव लड़ा।
पीएम मोदी ने एनडीए के लिए 400 सीटों का बड़ा लक्ष्य रखा। चार चरणों की वोटिंग के बाद कई भाजपा नेता, जिसमे अमित शाह भी शामिल हैं, उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने 380 सीटों में से 270 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर ली है।
एग्जिट पोल की खुली पोल
इसके बाद 1 जून को सातवें चरण के मतदान के बाद तमाम एग्जिट पोल्स में एनडीए को 350-400 सीटों पर जीत का दावा किया गया। 6 एग्जिट पोल में एनडीए को 355-380 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए बताया।
एक्सिस माइ इंडिया सहित तीन एग्जिट पोल ने भाजपा 400 सीटों पर जीत का अनुमान लगाया, जिसके चलते शेयर बाजार रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया।
इंडिया गठबंधन ने एग्जिट पोल को गलत साबित किया
एग्जिट पोल में इंडिया गठबंधन को 125-165 सीटों पर सिमटता दिखाया गया। हालांकि तमाम विपक्ष के नेताओं ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। जब असल नतीजे सामने आए तो एग्जिट पोल की पोल खुल गई।
इंडिया गठबंधन ना सिर्फ 200 के पार पहुंचा बल्कि 2019 की तुलना में बंपर जीत दर्ज की। जबकि भाजपा को सत्ता में आने के लिए अब अपने सहयोगियों पर निर्भर होना पड़ेगा।
लगातार दो बार भाजपा को पूर्ण बहुमत
भाजपा ने 2014 में अकेले दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया था और अस्थिर गठबंधन की सरकार के दौर को खत्म किया। 2019 में भाजपा ने फिर से एकतरफा जीत दर्ज की और 300 के मार्क को पार करके 303 सीटों पर जीत दर्ज की।
जोकि 1991 के बाद किसी भी पार्टी के लिए दूसरी बार सबसे अधिक सीट थी। 1991 में कांग्रेस को 244 सीटों पर जीत मिली थी।












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