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केरल के साथ किसने धोखा किया? ऐसा तो नहीं था 'ईश्वर का अपना देश'!

Kerala Lok Sabha Election 2024: केरल में लोकसभा की सभी 20 सीटों के लिए 26 अप्रैल को चुनाव होना है। हर बार की तरह यहां सत्ताधारी एलडीएफ और मुख्य विपक्षी यूडीएफ में ही मुकाबला है। भाजपा की अगुवाई वाला एनडीए कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहा है।

चुनावों से ठीक पहले केरल को लेकर एक रिपोर्ट आई है, जो वाकई चौंकाने वाली है। आमतौर पर देश में केरल की छवि एक उच्च साक्षरता वाले ऐसे सक्षम राज्य की है, जहां कानून-व्यवस्था भी दुरुस्त रहती है और यह आर्थिक मापदंडों पर बड़े-बड़े राज्यों को पीछे छोड़ देता है।

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'केरल स्टोरी: ए टेल ऑफ बिट्रेयल' शीर्षक से रिपोर्ट
लेकिन, नई दिल्ली स्थित एक संगठन पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर (PPRC) ने केरल को लेकर एक नई रिपोर्ट जारी की है, जिससे उसकी इस छवि को धक्का लगता है। 'केरल स्टोरी: ए टेल ऑफ बिट्रेयल' (Kerala Story: A Tale of Betrayal) शीर्षिक से गुरुवार को जारी इस रिपोर्ट पर चर्चा से पहले सुप्रीम कोर्ट के उस नजरिए को देख लेते हैं, जो उसने इसी महीने 'ईश्वर का अपना देश' कहे जाने वाले इस राज्य को लेकर की है।

केरल को वित्तीय कुप्रबंधन पर सुप्रीम कोर्ट से लग चुका है झटका
केरल सरकार साल 2023-24 के लिए 10,722 करोड़ रुपए की अतिरिक्त उधारी जुटाने के लिए केंद्र से इजाजत दिलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी, लेकिन सर्वोच्च अदालत ने उसके वित्तीय कुप्रबंधन की वजह से अंतरिम राहत देने से मना कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'अगर राज्य ने अपने खुद के वित्तीय कुप्रबंधन की वजह से अनिवार्य रूप से वित्तीय संकट खड़ा किया है तो इसे अपूर्णीय क्षति नहीं माना जा सकता है।'

केरल को हो रहे वित्तीय नुकसान पर रिपोर्ट
पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट देखने से पता चलता है कि इसमें केरल सरकार के उसी वित्तीय कुप्रबंधन की कहानी की ओर इशारा है। इसके मुताबिक केरल का राजकोषीय घाटा 2022-23 के 2.44% से बढ़कर 2023-24 3.40% तक पहुंच गया। वहीं राजस्व घाटा इसी अवधि में 0.88% से 2.12% पहुंच गया।

केरल के लोगों पर बढ़ता जा रहा है लोन का दबाव-रिपोर्ट
इसी तरह 2016-17 में राज्य पर जो सार्वजनिक ऋण 17,926 करोड़ रुपए था, वह 2023-24 में बढ़कर 35,988 करोड़ रुपए हो गया। हाल में केरल ने जिस तरह से उधारी लेने के लिए उतावलापन दिखाया है, वह इस रिपोर्ट से मेल खाता है।

कर्ज में 150% का इजाफा
रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के कुल बकाया कर्ज में 2016-17 से 2023-24 तक 150% से अधिक की बढ़ोतरी नजर आई है। जबकि, इस दौरान 2014-15 में केंद्रीय करों में राज्य की जो हिस्सेदारी 7,926 करोड़ रुपए थी, वह 2023-24 में बढ़कर 23,882 करोड़ रुपए हो गई।

केरल के सीएम ने राज्य की कानून-व्यवस्था को बताया था सर्वश्रेष्ठ
पिछले साल जून में केरल की एलडीएफ सरकार के मुख्यमंत्री पिनराई विजय ने एक टीवी शो में कहा था कि कानून-व्यवस्था के मामले में राज्य देश में सर्वश्रेष्ठ है और पिछले कई वर्षों से वहां सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं नहीं हुई हैं।

केरल में कानून और व्यवस्था की हालत दिनोंदिन खराब-रिपोर्ट
पीपीआरसी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि केरल में कानून और व्यवस्था की हालत दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। इसके अनुसार 2020 से 2022 के बीच नशीली दवाओं के मामलों में 24,000 अपराध साबित हुए और महिलाओं के खिलाफ अपराध के करीब 39,000 केस दर्ज किए गए।

केरल के कुछ लड़कियों को कथित रूप से आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में भेजने की साजिश को लेकर एक फिल्म 'द केरल स्टोरी' पहले बन चुकी है, जिसे हाल ही में कई चर्चों में भी प्रदर्शित किया गया है। मौजूदा रिपोर्ट में कृषि के क्षेत्र में भी केरल की स्थिति बिगड़ते जाने का दावा किया गया है।

अब चुनाव के दौरान जो दूसरी 'केरल स्टोरी' आई है, उससे प्राकृतिक रूप से बेहद सुंदर और अपनी संस्कृति के लिए अपनी खास पहचान बनाए रकने वाले राज्य के शासकों की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वैसे बता दें कि पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर को आरएसएस के विचारों से प्रभावित संगठन माना जाता है।

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