Lok Sabha Chunav: यूपी-बिहार में किन सीटों पर चुनाव लड़ेगी AIMIM, क्या है ओवैसी का पूरा प्लान?
Asaduddin Owaisi AIMIM Latest News: असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद और तेलंगाना के बाहर देखा है तो उनकी नजर सबसे पहले महाराष्ट्र, बिहार और यूपी पर पड़ी है। महाराष्ट्र और बिहार ने उन्हें सफलता भी दी है। यूपी ने भी उन्हें सियासी सपने संजोने की बढ़िया वजह दी हुई है।
हैदराबाद के सांसद ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने एक बार फिर से हैदराबाद से बाहर देखने का विचार किया है तो लगता है कि उनके प्लान में यही तीनों राज्य सबसे ज्यादा फिट बैठ रहे हैं।

2019 में कैसा रहा एआईएमआईएम का प्रदर्शन?
2019 के लोकसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी को हैदराबाद के बाहर पहली सफलता महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मिली थी। वहां पार्टी उम्मीदवार इम्तियाज जलील का चुनाव जीतना राजनीतिक पंडितों को भी चौंका गया था।
तब बिहार में पार्टी सिर्फ एक सीट किशनगंज में लड़ी थी। इसके प्रत्याशी अख्तर उल इमाम तीसरे नंबर पर जरूर रहे थे, लेकिन उन्हें करीब 27% या लगभग 3 लाख वोट मिले थे।
2024 के लिए क्या है ओवैसी का प्लान?
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बार ओवैसी की पार्टी बिहार में 7 और उत्तर प्रदेश में लगभग 20 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है।
इसके अलावा महाराष्ट्र में औरंगाबाद से आगे निकलकर मुंबई और मराठवाड़ा के इलाकों में भी चुनाव लड़ने की सोच रही है। ये वो सीटें हो सकती हैं जहां 12% तक मुस्लिम वोटर हैं। जबकि, तेलंगाना में अबकी बार वह हैदराबाद सीट के साथ-साथ सिकंदराबाद में भी उम्मीदवार उतारने की सोच रही है।
एआईएमआईएम के चीफ ओवैसी ने बताया है, 'हम हैदराबाद, औरंगाबाद (महाराष्ट्र) और किशनगंज में निश्चित लड़ेंगे। हमारी बिहार इकाई और ज्यादा सीटें लड़ना चाहती है। यूपी में भी ऐसी ही मांग है। महाराष्ट्र में मुंबई और मराठवाड़ा से भी लड़ने की मांग हो रही है। हम जल्द फैसला करेंगे कि कितनी सीटों पर लड़ने जा रहे हैं।'
यूपी-बिहार में ओवैसी की बढ़ रही है उम्मीद
यूपी में ओवैसी को सबसे बड़ी सफलता 2017 में स्थानीय निकाय चुनाव में मिली थी, जब वह 32 सीटें जीती थी। पार्टी ने 2022 में यूपी विधानसभा चुनाव में भी भाग्य आजमाया था। वह एक भी सीट जीत तो नहीं पाई, लेकिन 10 सीटों पर उसे जितने वोट मिले, उससे कम अंतर से समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार हार गया था।
2020 में बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम को मिली 5 सीटों ने उसका हौसला बढ़ा दिया है। हालांकि, उसके 4 विधायक अब लालू यादव की लालटेन थाम चुके हैं, लेकिन इससे सीमांचल के मुस्लिम बहुल इलाके में पार्टी की उम्मीदें नहीं टूटी हैं।
बिहार में इन सीटों पर उम्मीदवार उतार सकते हैं ओवैसी?
पार्टी के बिहार इकाई के प्रवक्ता आदिल हसन के मुताबिक किशनगंज के अलावा एआईएमआईएम कटिहार, पूर्णिया, अररिया, दरभंगा, मधुबनी और गया में उम्मीदवार उतारना चाहती है। इन सभी सीटों पर मुसलमानों की बड़ी आबादी है। ओवैसी की पार्टी की बीएसपी से भी गठबंधन की बात हो रही है।
हसन के मुताबिक, 'लिस्ट बैरिस्टर साहब (ओवैसी) को भेज दी गई है। वही फैसला लेंगे। हम बीएसपी के साथ गठबंधन करना चाहते हैं। हम समान-विचारधारा वाली पार्टियां हैं और 2020 में मिलकर लड़े थे।'
यूपी में किन सीटों पर ओवैसी की नजर?
वहीं यूपी के पार्टी प्रवक्ता, शौकत अली के मुताबिक, 'हमने सपा और बसपा समेत सभी विपक्षी दलों को प्रस्ताव दिया था, लेकिन उनकी ओर से कुछ नहीं हुआ। हमने यूपी में 20 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव तैयार करके ओवैसी साहब को भेजा है। जिन सीटों पर हमारी दिलचस्पी है, उनमें मुरादाबाद, बिजनौर, संभल, अमरोहा, कानपुर, सहारनपुर और जौनपुर शामिल हैं।'
लेकिन, इस बार ओवैसी की पार्टी की पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ने की कोई दिलचस्पी नहीं दिख रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने वहां भी अपने उम्मीदवार उतारे थे।












Click it and Unblock the Notifications