क्रिकेटर से लेकर आम कार्यकर्ता तक, कमजोर कैंडिडेट्स ने दिए बड़े झटके! हिला दीं दिग्गज नेताओं की जड़े
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के नतीजे काफी दिलचस्प और चौंकाने वाले रहे हैं। कुछ ऐसे उम्मीदवार जिनकी जीत की बिलकुल उम्मीद नहीं थी उन्होंने वोटो के बड़े अंतर से अपने प्रतिद्वंदी को परास्त किया है। वो वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसी सीटें भी थी जहां कैंडिडेट्स की जीत बिलकुल तय मानी जा रही थी लेकिन आखिरी वक्त पर नतीजे पलट गए।
आज हम बात करेंगे उन नेताओं कि जिन्हें बेहद कमजोर प्रत्याशी माना जा रहा था लेकिन उन्होंने उम्मीद से उलट, दिग्गज नेताओं की जड़े हिला दीं। आइए जानते हैं उन उम्मीदवारों के बारे में जिन्होंने बड़े नेताओं की शाख को कमजोर करते हुए उनके गढ़ में जीत के झंडे गाड़े हैं।

इस लिस्ट में पहला नाम है अमेठी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा का। उन्होंने स्मृति ईरानी को हरा कर कांग्रेस की उनके गढ़ में एक दशक बाद वापसी कराई है। 2014 के दौरान स्मृति ईरानी की जीत के भी कुछ ऐसे ही चर्चे थे जैसे की आज उनकी हार के हैं। उन्होंने वर्षों से कांग्रेस का गढ़ रही अमेठी में राहुल गांधी को हराकर इतिहास रचा था।
किशोरी लाल शर्मा
लोकसभा चुनाव में भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को कांग्रेस के विश्वासपात्र और अमेठी से पार्टी उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा से हार का सामना करना पड़ा है। गांधी परिवार के प्रबल सहयोगी शर्मा को भाजपा की स्मृति ईरानी को चुनौती देने के लिए अमेठी से चुना गया था।
गौरतलब है कि 25 साल में यह पहली बार है कि गांधी परिवार का कोई सदस्य अमेठी की लोकसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ रहा है। शर्मा को अमेठी से ईरानी के खिलाफ एक कमजोर प्रत्याशी माना जा रहा था ,लेकिन उन्होंने अपनी जीत से सबको चौंका दिया है।
यूसुफ पठान
इस लोकसभा चुनाव में बहुत कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद नहीं थी। कांग्रेस के पांच बार के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी, बहरामपुर में राजनीतिक नौसिखिए यूसुफ पठान से हार गए हैं। बंगाल में ममता बनर्जी के मजबूत प्रभाव के बावजूद चौधरी की इस सीट पर मजबूत पकड़ थी। मगर पठान ने चौधरी की शाख को हिलाते हुए यह सीट जीत ली है। यह टीएमसी के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है क्योंकि यह सीट दशकों से चौधरी का सुरक्षित गढ़ रही है।
संतोष पांडे
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संतोष पांडे छत्तीसगढ़ के एक महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्र राजनांदगांव का प्रतिनिधित्व करते हैं। लगभग 6 लाख वोटों के साथ, पांडे ने कांग्रेस उम्मीदवार और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हरा दिया है। राजनांदगांव तीन दशकों से अधिक समय से भाजपा का गढ़ रहा है।
शेख अब्दुल रशीद
शेख अब्दुल रशीद ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला को हराया है। शेख अब्दुल राशिद, जिन्हें इंजीनियर राशिद के नाम से जाना जाता है, एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में थे। इंजीनियर राशिद आतंकवाद की फंडिंग से जुड़े एक मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। जेल से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने कश्मीर घाटी की बारामूला से जीत दर्ज की है।
रामभुआल निषाद
सुल्तानपुर से बीजेपी की वरिष्ठ नेता मेनका गांधी को हार का सामना करना पड़ा है। सपा उम्मीदवार रामभुआल निषाद ने मेनका गांधी को 43 हजार से अधिक वोटों के साथ हरा दिया है।
मियां अल्ताफ अहमद
जम्मू-कश्मीर में गुज्जर और बकरवाल समुदायों के प्रिय आध्यात्मिक नेता मियां अल्ताफ अहमद ने अनंतनाग-राजौरी निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज की है। उन्होंने पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती को हरा कर ये सीट जीती है।












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