Lok Sabha Election 2024: नीतीश ने कांग्रेस को दिया बड़ा झटका! इस राज्य में JDU उम्मीदवार के नाम का एलान
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने बुधवार से लोकसभा चुनावों के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवार के नामों की घोषणा शुरू कर दी है। जेडीयू ने अरुणाचल वेस्ट लोकसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार के नाम का एलान कर दिया है।
अरुणाचल प्रदेश में जिस तरह से जेडीयू ने लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवार के नाम घोषित करने में तेजी दिखाई है, उससे लगता है कि विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक में मतभेद सुलझ नहीं पा रहे हैं। नीतीश की पार्टी का फैसला कांग्रेस के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।

अरुणाचल वेस्ट सीट पर 2019 में दूसरे नंबर पर रही थी कांग्रेस
क्योंकि, इंडिया ब्लॉक में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है और जेडीयू ने जिस अरुणाचल वेस्ट लोकसभा सीट से पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया है, वहां 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही थी। जबकि, ऐसी सीटों पर कांग्रेस की ओर से अपनी दावेदारी जताई जा रही है।
अरुणाचल की दोनों सीटों पर जीती थी बीजेपी
बता दें कि पिछले लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने अरुणाचल प्रदेश की दोनों लोकसभा सीटें जीत ली थी। तब वहां विधानसभा के भी चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ ही करवाए गए थे।
नीतीश के निर्देश पर पार्टी ने की घोषणा- जेडीयू महासचिव
जेडीयू के महासचिव अफाक अहमद ने एक बयान में कहा है कि अरुणाचल प्रदेश जेडीयू के अध्यक्ष रूही तांगुंग अरुणाचल पश्चिम लोकसभा सीट से पार्टी के प्रत्याशी होंगे। इससे भी बड़ी बात ये है कि ये घोषणा नीतीश कुमार के निर्देश पर की गई है।
हाल ही में ललन सिंह की जगह जेडीयू अध्यक्ष बने हैं नीतीश
अफाक अहमद ने कहा है, 'पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार यह घोषणा की गई है।' नीतीश हाल ही में पूर्व पार्टी अध्यक्ष ललन सिंह की जगह पर जेडीयू के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले चर्चा थी कि वह अभी तक इंडिया ब्लॉक में कोई अहम भूमिका नहीं मिलने से नाराज चल रहे हैं।
नीतीश कुमार भारतीय राजनीति की ऐसी शख्सियत हैं, जो विचारधारा की दो छोर पर बैठे दलों के साथ बड़ी ही आसानी से समय-समय पर गठबंधन करने में माहिर हो चुके हैं। उनके इसी सियासी इतिहास को देखते हुए उनके अगले कदम को लेकर कई तरह की अटकलें लग रही हैं।
कांग्रेस को क्या संदेश दे रहे हैं नीतीश?
हालांकि, अभी चर्चा है कि उन्हें इंडिया ब्लॉक का संयोजक पद दिया जा सकता है। लेकिन, ऐसे समय में जब कांग्रेस को लेकर ऐसी खबरें हैं कि वह लगभग 300 लोकसभा सीटों पर लड़ना चाहती है, उस स्थिति में अरुणाचल पश्चिम जैसी सीट पर जेडीयू का ताल ठोंकना काफी बड़ा सियासी संकेत दे रहा है।
वैसे जबसे 2022 के अगस्त में नीतीश ने पाला बदला था, उसके बाद से वह लगातार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और बीजेपी पर हमलावर रहे हैं। लेकिन, यह भी तथ्य है कि वह बीच-बीच में कुछ ऐसा अप्रत्याशित कर देते हैं, जिससे इंडिया ब्लॉक के अन्य साथियों और खासकर कांग्रेस के नेताओं का गला सूखना शुरू हो जाता है। (इनपुट-पीटीआई)












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