Lok Sabha Election 2024: 'सेल्फ गोल' क्यों कर रहा है 'INDIA'? विपक्ष को ये 10 गलतियां कहीं पड़ न जाएं भारी
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा के लिए दो चरणों के चुनाव हो चुके हैं। पांच चरणों के चुनावों के लिए घमासान प्रचार अभियान चल रहा है। इस दौरान विपक्षी इंडिया ब्लॉक की ओर से बार-बार ऐसी गलतियां हो रही हैं, जिससे लगता है कि वह बेवजह सत्ताधारी बीजेपी और एनडीए के हाथों में मुद्दा थमा दे रहा है।
विपक्ष के 'सेल्फ गोल' वाले बयान या ऐक्शन इंडिया ब्लॉक की कई पार्टियों और उसके नेताओं की ओर से देखने को मिल चुकी है। हम यहां सिर्फ उन 10 गलतियों की चर्चा करना चाहते हैं, जो चुनावों के लिहाज से किसी भी स्थिति में विपक्ष की सेहत के लिए सही नहीं लगता।

अमेठी-रायबरेली में बहुत देरी
रायबरेली और अमेठी में कांग्रेस उम्मीदवारों की घोषणा में अप्रत्याशित देरी विपक्ष को काफी भारी पड़ सकती है। राहुल गांधी रायबरेली से लड़ेंगे, यह नामांकन के आखिरी दिन साफ हुआ। अमेठी में वह चुनाव नहीं लड़ेंगे, एक रात पहले यह तस्वीर स्पष्ट की गई। बीजेपी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की इस उहापोह को जिस तरह से मुद्दा बनाया है, उसका जवाब देना आसान नहीं होगा।
बीजेपी और एनडीए को वोट देने की अपील
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का एक वीडियो वायरल है, जिसको लेकर टीएमसी दावा कर रही है कि वह तृणमूल की जगह बीजेपी को वोट देने की अपील कर रहे हैं। इससे पहले बिहार में राजद नेता तेजस्वी यादव भी पूर्णिया सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव की जगह एनडीए प्रत्याशी को वोट देने की बात कह चुके हैं। चुनावों में इस तरह की गलतियों का अंजाम अच्छा हो, ऐसा अक्सर नहीं देखा गया है।
'वोट जेहाद' वाले बिगड़े बोल
यूपी की फर्रुखाबाद में पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की भतीजी मारिया आलम ने तो एक चुनाव सभा में वोटरों से 'वोट जेहाद' का अपील कर बैठीं। सपा नेता ने खुलकर समुदाय विशेष से एकजुट होकर वोट देने को कह दिया। इसे मुसलमानों से धर्म के नाम पर वोट देने की अपील समझा जा रहा है। समाजवादी पार्टी ने कार्रवाई की जगह उनका बचाव किया है तो भाजपा को एक नया मुद्दा मिल गया है।
शिव बनाम राम
दिक्कत ये है कि इंडिया ब्लॉक के छुटभैए नेता ही नहीं, लगता है कि बड़े नेता भी जुबान खोलने से पहले सोचना बंद कर चुके हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस चुनाव में कई बार बहकी-बहकी बातें कह चुके हैं। अब उन्होंने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के एक प्रत्याशी को भगवान राम के मुकाबले खड़ा करने की कोशिश कर दी।
शिव नाम वाले पार्टी प्रत्याशी के लिए वे बोले, 'शिव कुमार.......ये राम का मुकाबला कर सकते हैं।' बीजेपी सनातन धर्म का जानबूझकर कर अपमान करने का कांग्रेस पर आरोप लगाती रही है। खड़गे के बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना देर किए तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि 'खड़गे ने भगवान राम और शिव को लेकर बहुत ही खतरनाक बयान दिया है।' उनके मुताबिक 'यह गलत इरादे और हिंदू समाज को बांटने के लिए दिया गया बयान है...जिसे मुगल नहीं तोड़ पाए, उसे कांग्रेस तोड़ना चाहती है।'
राहुल गांधी का 'शक्ति' वाला बयान
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक सभा में कह दिया, 'हिंदू धर्म में एक शब्द होता है शक्ति, हम शक्ति से लड़ रहे हैं।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी गलती में ही मुद्दा मिल गया। उन्होंने, एक सभा में कहा कि 'इंडी अलायंस ने खुलेआम ये घोषणा की है कि जिस शक्ति में हिंदू धर्म की आस्था होती है, उन्हें इस शक्ति का विनाश करना है।'
'इनहेरिटेंस टैक्स' पर सैम पित्रोदा ने बिगाड़ा खेल
राहुल गांधी ने कांग्रेस मेनिफेस्टो जारी करने के बाद हैदराबाद में बयान दिया कि वह जातीय जनगणना के बाद वित्तीय सर्वे भी करवाएंगे। फिर उन्होंने संपत्ति के पुनर्वितरण की भी बात की।
ठीक इसी समय पर ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन और विदेशों में उनके बेहद करीबी सैम पित्रोदा ने 'इनहेरिटेंस टैक्स' वाला बम फोड़ दिया। उन्होंने अमेरिकी कानून का हवाला देकर भारत में भी इसपर चर्चा की बात की। इसी पर पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोगों की संपत्ति भी हड़पना चाहती है और उनका 'मंगलसूत्र' वाला बयान चुनावी मुद्दा बन गया।
सूरत और इंदौर में गलत प्रत्याशियों पर दांव
इस चुनाव में सूरत और इंदौर लोकसभा सीटों पर कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशियों की वजह से पार्टी की न सिर्फ भद्द पिटी है, बल्कि यह सवाल उठ रहा है कि जब उसके उम्मीदवारों को ही कांग्रेस पर भरोसा नहीं है तो फिर मतदाताओं से क्या उम्मीद की जा सकती है।
पहले सूरत में कांग्रेस उम्मीदवार नीलेश कुंभानी ने ऐसे वक्त में अपना नाम वापस ले लिया, जब पार्टी के पास दूसरा विकल्प नहीं था। उसी तरह से इंदौर में अक्षय कांति बम ने पार्टी को यहां उम्मीदवार विहीन बना दिया।
दिल्ली में कांग्रेस के अंदर उथल-पुथल
दिल्ली में कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन करके तीन सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। लेकिन, इसको लेकर पार्टी की प्रदेश इकाई में जबर्दस्त असंतोष है। फिर पार्टी ने जिस तरह से उदित राज और कन्हैया कुमार को टिकट दिया, उसे मानने के लिए प्रदेश कांग्रेस के नेता तैयार नहीं हो रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कई और नेता अलग हो गए और कुछ इतने नाराज बताए जा रहे हैं कि चुनावों में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
टीएमसी नेता हुमायूं कबीर का भड़काऊ बयान
पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद के भरतपुर से टीएमसी एमएलए हुमायूं कबीर का एक बहुत ही आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान सामने आया, जिससे लोगों में काफी नाराजगी फैली और बीजेपी को भी मौका मिला।
एक चुनावी सभा के कथित वीडियो के बारे में दावा किया गया कि उन्होंने कहा मुर्शिदाबाद में तुम (हिंदू) 30% हो तो हम लोग (मुस्लिम) 70% हैं। यहां पर तुम दंगे की कोशिश करोगे तो मुसलमान हाथ पर हाथ नहीं रखे रहेंगे। दो घंटे के भीतर-भीतर भागीरथी नदी में नहीं बहा दिए, तो मैं राजनीति से बाहर हो जाऊंगा। अगर इस बयान की वजह से बंगाल में ध्रुवीकरण हुआ तो बीजेपी फायदे में रह सकती है।
टीएमसी नेता करने लगे बीजेपी की तारीफ
एक तरफ टीएमसी नेता धमाकने में लगे हैं तो दूसरी तरफ कुणाल घोष जैसे भी चेहरे हैं, जिन्हें बीजेपी नेता पसंद आ रहे हैं। उन्होंने भाजपा के उस दिग्गज चेहरे सुवेंदु अधिकारी के काम करने के तरीके की तारीफ की है, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हरा दिया था। टीएमसी ने हुमायूं कबीर पर सख्त ऐक्शन नहीं लिया, लेकिन घोष को महासचिव पद से हटा दिया है।












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