Lok Sabha Election 2024: पहले चरण में 102 सीटों पर किसका चला जादू, क्या कहता है मतदान का रुझान?
Lok Sabha Election 2024 first phase voting trend: 18वीं लोकसभा के लिए शुक्रवार 19 अप्रैल, 2014 को पहले चरण की वोटिंग हुई है। शाम 6 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक देश में औसतन करीब 60% वोटिंग की रिपोर्ट सामने आ रही है।
शुक्रवार को 17 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 102 लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग हुई है। अगर 2019 के मतदान से तुलना करें तो फिलहाल मतदान का प्रतिशत औसतन कम लग रहा है।

औसतन कम मतदान का रुझान
2019 के लोकसभा चुनाव में इन 102 सीटों पर 69.96% वोटिंग दर्ज हुई थी। हालांकि, पहले चरण की वोटिंग का प्रतिशत अभी और बढ़ने की संभावना बनी हुई है, और चुनाव आयोग आंकड़ों को अपडेट करेगा।
बंगाल में बंपर वोटिंग
सबसे ज्यादा मतदान पश्चिम बंगाल की तीन लोकसभा सीटों पर हुआ है। उत्तर बंगाल में अलीपुरद्वार, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी में 5 बजे तक 77.57% वोटिंग हुई। यह तीनों सीटें पिछली बार बीजेपी जीती थी और इस बार भी पार्टी इन सीटों पर मजबूत स्थिति में बताई जा रही है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने भी यहां काफी जोर लगाई है।
राजस्थान में कम मतदान
5 बजे तक सबसे कम वोटिंग 50.27% राजस्थान में नजर आ रही थी। जहां 25 में से 12 सीटों पर चुनाव हुआ है। पिछली बार इनमें से 11 बीजेपी जीती थी और एक इंडिया ब्लॉक के पास था।
पहले चरण में इंडिया ब्लॉक की चुनौती बड़ी
अगर राष्ट्रीय स्तर पर देखें तक पहले चरण में इंडिया ब्लॉक की चुनौती बड़ी है। क्योंकि, उसके पास 48 सीटें बचाने की चुनौती है और 102 में बीजेपी या एनडीए के पास 43 सीटें ही थीं। अन्यों ने पिछली बार 6 सीटें जीती थी।
पश्चिमी यूपी की 8 सीटों पर बदला समीकरण
देश को 80 लोकसभा सांसद देने वाले उत्तर प्रदेश में पश्चिमी यूपी की 8 सीटों पर वोटिंग हुई है। यहां 5 बजे तक करीब 58% वोटिंग की रिपोर्ट है। पिछली बार यहां की 3 ही सीट बीजेपी के पास थी। बाकी 5 सीटें सपा-बसपा गठबंधन को गई थी। लेकिन, अबकी बार इस गठबंधन की गैर-मौजूदगी में भाजपा की स्थिति बेहतर होने की संभावना लग रही है।
तमिलनाडु में सामान्य मतदान के मायने?
पहले चरण में सबसे ज्यादा तमिलनाडु की सभी 39 सीटों पर चुनाव करवाए गए हैं। इन 39 सीटों में से पिछली बार 38 पर इंडिया ब्लॉक का कब्जा था। वहां करीब 63% मतदान एकतरफा चुनाव परिणाम देने के लिए पहचाने जाने वाले राज्य की तस्वीर नहीं पेश कर रहा है। इसलिए, लग रहा है कि वहां से कुछ चौंकाने वाले नतीजे आ सकते हैं।
बिहार में काफी कम वोटिंग
इसी तरह से बिहार की 4 सीटों पर जहां चुनाव हुए हैं, वहां महज 46% वोटिंग चुनाव विश्लेषकों की धड़कने बढ़ा रहे हैं। पिछली बार यह चारों सीटें एनडीए के कब्जे में थीं। हालांकि, जातीय समीकरणों के हिसाब से यह गठबंधन पिछली बार से ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है।
असम में भी अच्छी वोटिंग
वहीं असम की 14 में से जिन 5 सीटों पर पहले चरण में मतदान हुआ है, वहां 71% वोटिंग की जानकारी है। लेकिन, परिसीमन की वजह से इन सीटों की सीमाएं पूरी तरह से बदल गई हैं और मतदान के रुझान से पिछली बार से तुलना करके कुछ भी अनुमान लगाना जरा मुश्किल है।
एमपी में 6 सीटों पर वोटिंग
मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 6 सीटों पर 63% से ज्यादा वोट पड़े हैं। इनमें से 5 सीट पिछली बार बीजेपी जीती थी और सिर्फ 1 सीट ही कांग्रेस के पास थी। भाजपा ने इस बार उस एकमात्र छिंदवाड़ा सीट पर भी पूरा जोर लगाया है। राज्य में पिछले साल नवंबर में ही विधानसभा में पार्टी को बड़ी जीत मिली है, इससे वह जमीन पर भी उत्साहित लग रही है।
महाराष्ट्र की 5 सीटों पर जोरदार टक्कर
महाराष्ट्र की 48 सीटों में से सिर्फ 5 सीटों पर चुनाव हुए हैं और वोटिंग प्रतिशत महज 55% रहा है। पिछली बार 5 में से 4 एनडीए के पास थी। यहां राज्य की सत्ताधारी महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी गठबंधन के बीच मुकाबला कड़ा होने की संभावना है।
उत्तराखंड में भाजपा का पलड़ा भारी!
लेकिन, उत्तराखंड की सभी 5 सीटों पर इसी चरण में वोट डाले गए हैं, जहां 54% वोट पड़े हैं। पिछली बार यहां की सभी सीटें बीजेपी जीती थी और इस बार भी उसकी स्थिति शुरू से मजबूत आंकी जा रही है।
मणिपुर के मतदाताओं का हौसला बरकरार
बाकी राज्यों में इस चरण में एक या दो सीटों पर ही वोटिंग हुई है। इनमें त्रिपुरा में 76% से अधिक और मिजोरम में 54% वोटिंग की जानकारी है। हालांकि, मणिपुर की दो सीटों पर 69% मतदान होना अपने आप में एक राहत वाली बात है।












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