Lok Sabha Election 2024: 50% वोट शेयर का लक्ष्य! अयोध्या की जीत पर क्या है बीजेपी की रणनीति?
बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए बूथ मैनेजमेंट पर फोकस किया है, ताकि पार्टी की जीत को और बड़ा बनाया जा सके।
शाह ने पार्टी पदाधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव की तुलना में 2024 में बीजेपी के वोट शेयर में 10% से ज्यादा बढ़ोतरी सुनिश्चित करने की कोशिश करें।

50% वोट शेयर हासिल करने का दिया था मंत्र
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी के मुख्य रणनीतिकार रहे शाह ने जो वोट शेयर में वृद्धि का एक महत्वाकांक्षी पैमाना तय किया है, वह उनके हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी कैडर के सामने रखे गए 50% वोट शेयर हासिल करने के मंत्र के ही मुताबिक है।
विधानसभा चुनावों में बीजेपी के वोट शेयर में जबर्दस्त उछाल
इसका नतीजा ये रहा कि एमपी में बीजेपी का वोट शेयर 2018 के विधानसभा चुनावों के मुकाबले 2023 के विधानसभा चुनावों में 41.02% से बढ़कर 48.55%, राजस्थान में 38.77% से बढ़कर 41.69% और छत्तीसगढ़ में 32.97% से बढ़कर 46.27% हो गया है।
2024 के लोकसभा चुनावों में करीब 48% वोट शेयर का लक्ष्य
2019 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को 37.4% या 22.9 करोड़ वोट मिले थे। अब पार्टी इसे बढ़ाकर 35 करोड़ वोट तक ले जाना चाहती है।
बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों को संबोधित करने के बाद अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है, 'हमें अपनी विचारधारा और भाजपा सरकारों के ऐतिहासिक कार्यों को लेकर देश के प्रत्येक घर तक जाना है और 2024 में मोदीजी को अप्रत्याशित बहुमत के साथ फिर से प्रधानमंत्री बनाना है।'
बीजेपी का टारगेट है 350 सीट!
शाह ने कहा कि तीन राज्यों में भाजपा की जीत जाहिर करता है कि समाज के हर वर्ग के लोगों में पीएम मोदी के करिश्माई नेतृत्व में भरोसा है और देश का हर क्षेत्र सिर्फ मोदी के साथ है। 2019 में बीजेपी ने देश की 303 लोकसभा सीटें जीत ली थी। इस बार कई रिपोर्ट के मुताबिक वह 350 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
शाह ने पार्टी नेताओं को यह भी सलाह दी है कि वे मोदी सरकार के पिछले दो कार्यकालों में शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की सफलताओं को लेकर वोटरों तक जाएं और यह बताएं कि पार्टी ने किस तरह से अपने चुनावी वादों को पूरा करने में कामयाबी हासिल की है।
'मोदी गारंटी' को प्रमुख मुद्दा बनाने का सुझाव
जानकारी के अनुसार पार्टी के अन्य बड़े नेताओं ने भी लोकसभा चुनावों में 'मोदी गारंटी' को प्रमुख चुनावी एजेंडे के तौर पर पेश करने का सुझाव दिया है। क्योंकि इसने हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी के हक में बढ़िया काम किया है। पार्टी नेताओं का मानना है कि लोगों को पीएम मोदी पर पूरा भरोसा है और उनकी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के पीछे जो नजरिया है वह बहुत ही व्यावहारिक है।
मसलन, एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि 'हमारा फोकस कमजोर वर्गों को मजबूत बनाने और उनके सशक्तिकरण पर है, न कि उनसे झूठे वादे करने पर।'
अयोध्या की लड़ाई से 'देश' जीतने की तैयारी!
जानकारी के मुताबिक 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में पवित्र राम जन्मभूमि पर बन रहे भव्य राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह भी इस बैठक की चर्चा का केंद्र बना रहा।
पता चला है कि बीजेपी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के अपने वादे को पूरा करने में किस तरह से लंबी कानूनी लड़ाई का सामना किया है, उसको लेकर भी वह एक बुकलेट जारी कर सकती है।
कहा जा रहा है कि अदालतों में राम मंदिर के निर्माण को 'अटकाने-लटकाने-भटकाने' के लिए विरोधियों की ओर से अपनाए गए कानूनी दांव-पेच को भी इसमें प्रमुखता दी जा सकती है।












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