Lok Sabha Election 2024: हार कर भी तेलंगाना में क्यों बुलंद हैं बीजेपी के हौसले? गुजरात से है कनेक्शन
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में बीजेपी की उम्मीदों पर पानी फिर चुका है। लेकिन, पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का हौसला अभी भी बुलंद है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने 2024 के लोकसभा चुनावों में कम से कम 10 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।
तेलंगाना में लोकसभा की कुल 17 सीटें हैं। 2019 के चुनाव में बीजेपी अपने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद भी सिर्फ 4 सीटें जीती थी। लेकिन, शाह का निर्देश है कि पार्टी कार्यकर्ता अभी से जुट जाएं और आधी से ज्यादा सीट पर जीत सुनिश्चित करें।

तेलंगाना विधानसभा में तीसरे नंबर पर रही बीजेपी
2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव के जो परिणाम 3 दिसंबर को आए हैं, उसमें पार्टी राज्य की कुल 119 सीटों में से सिर्फ 8 पर ही जीतने में सफल रही है और उसका वोट शेयर भी 14% के करीब रहा है।
लोकसभा चुनाव में 10 सीट और 35% वोट शेयर का रखा टारगेट
लेकिन, अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर भी 35% तक ले जाने का टारगेट दिया है। सूत्रों के मुताबिक राज्य में पार्टी के मंडल अध्यक्षों के साथ बैठक में उन्होंने दावा किया है कि बीजेपी तेलंगाना का भविष्य है। क्योंकि, उनके मुताबिक बीआरएस का 'जहाज डूब चुका है' और सत्ताधारी कांग्रेस भी 'डूबता हुआ जहाज' है।
अमित शाह ने बताया गुजरात में बीजेपी का चुनावी इतिहास
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें गुजरात का उदाहरण देकर बताया है कि इतनी बड़ी ताकत के रूप में उभरने से पहले बीजेपी को 10% से भी कम वोट मिलते थे।
उन्होंने पार्टी कैडर से कहा है, 'आपको कड़ी मेहनत करनी है। बीजेपी को राज्य के भविष्य के रूप में देखा जा रहा है। आपको यह सुनिश्चित करना है कि यहां कम से कम 10 'कमल' खिले।'
2019 में बीजेपी को 4 सीटें और 20% के लगभग वोट मिले थे
2019 में तेलंगाना की 17 लोकसभा सीटों में से बीजेपी को भले ही सिर्फ 4 सीटें ही मिली थी, लेकिन उसका वोट शेयर 20% के करीब रहा था। शायद यही वजह है कि शाह को अपना टारगेट मुनासिब लग रहा है। तब बीआरएस को 9 और कांग्रेस को 3 सीटें मिली थीं। एक सीट पर एमआईएम चीफ असदु्ददीन ओवैसी जीते थे।
अमित शाह ने तेलंगाना जीतने का दिया 'अचूक' मंत्र!
शाह का कहना है कि कुछ लोग सोच रहे हैं हार के बाद भी वे बार-बार तेलंगाना क्यों आ रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह तब तक यहां आते रहेंगे, जबतक बीजेपी राज्य में सरकार नहीं बना लेती। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कांग्रेस का 'भ्रष्टाचार' उजागर करने का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा, 'कुछ लोग मुझसे पूछते हैं कि तेलंगाना में चुनाव हारने के बाद मैं वहां क्यों जाता रहता हूं। मैं उनसे कहना चाहूंगा कि हारे वे नहीं जो चुनाव हार गए। हारे वे हैं, जो भविष्य में जीतने के लिए नतीजे के अगले दिन से ही कड़ी मेहनत नहीं करते हैं।'
भविष्य में 64 ही नहीं 94 सीटने की भी जताई उम्मीद
उन्होंने कहा कि तेलंगाना में बीजेपी 64 सीटें जीतेगी या भविष्य में 94 सीटें भी जीतकर सरकार बना सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि लोकसभा चुनावों के लिए घर-घर जाकर मोदी सरकार की सफलताओं के बारे में बताएं और कहें कि देश के लिए यह जीत क्यों जरूरी है।












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