Lok Sabha Chunav Result: INDIA bloc की बैठक से विपक्षी गठबंधन के इन दिग्गजों ने क्यों बनाई दूरी?
Lok Sabha Election Result 2024: लोकसभा चुनावों के आखिरी चरण के दिन ही मतदान के दौरान इंडिया ब्लॉक के बड़े-बड़े नेता दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए जुटे थे।
इस बैठक में एक ही दल के कई-कई नेताओं का जमावड़ा लगा, लेकिन गठबंधन के कुछ महत्वपूर्ण सहयोगी दलों के कुछ दिग्गज चेहरे कहीं नजर नहीं आए, जिसकी अलग-अलग वजहें बताई जा रही हैं।

इंडिया ब्लॉक को 295 से ज्यादा सीटें मिलेंगी- मल्लिकार्जुन खड़गे
बहरहाल करीब ढाई घंटे के मंथन के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि इस बैठक में मतगणना को लेकर चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में गठबंधन के कार्यकर्ताओं को काउंटिंग को लेकर निर्देश भी दिए गए हैं। यही नहीं कांग्रेस अध्यक्ष ने एग्जिट पोल के नतीजे आने से भी पहले दावा किया है कि 4 जून को मतगणना में इंडी अलायंस को 295 से ज्यादा सीटें मिलेंगी।
खड़गे के घर इंडिया ब्लॉक के बैठक में कौन-कौन नेता पहुंचे?
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के घर हुई इंडिया ब्लॉक की इस बैठक में जो नेता चर्चा के लिए पहुंचे उनमें कांग्रेस से सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल, आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान, राघव चड्ढा और संजय सिंह, समाजवादी पार्टी से अखिलेश यादव और राम गोपाल यादव शामिल हैं।
इनके अलावा एनसीपी (एससीपी) से शरद पवार और जितेंद्र अव्हाड, आरजेडी से तेजस्वी यादव और संजय यादव, जेएमएम से चंपई सोरेन और कल्पना सोरेन, नेशनल कांफ्रेंस से फारूक अब्दुल्ला, सीपीएम से सीताराम येचुरी, सीपीआई से डी राजा, सीपीआई (माले) से दिपांकर भट्टाचार्य, शिवसेना (यूबीटी) से अनिल देसाई और वीआईपी से मुकेश सहनी ने भी इस बैठक में शिरकत की है।
गठबंधन के कई दिग्गज नेता ने क्यों बनाई दूरी?
यूं तो विपक्षी गठबंधन की इस बैठक को अनौपचारिक ही बताया गया था। लेकिन, इससे तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी, डीएमके चीफ एमके स्टालिन, शिवसेना (यूबीटी) के सुप्रीमो उद्धव ठाकरे और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती की अनुपस्थिति कई सवालों को जन्म दे सकते हैं।
यह सवाल और ज्यादा इसलिए हो रहे हैं कि एक दिन पहले ही कांग्रेस पार्टी ने एग्जिट पोल के बहिष्कार करने का फैसला किया था, जिसपर बीजेपी ने यह कहकर हमला कर दिया कि वे पहले ही हार मान चुके हैं। बाद में कांग्रेस ने यू-टर्न ले लिया और एग्जिट पोल में शामिल होने के लिए तैयार हो गई।
अंतिम चरण के चुनाव के बहाने ममता ने किया किनारा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि राज्य में अंतिम चरण में 9 सीटों पर मतदान की वजह से उनका इस बैठक में पहुंचना संभव नहीं होगा। उन्होंने साइक्लोन को भी इसका एक कारण बताया था। लेकिन, टीएमसी का कोई प्रतिनिधि भी नहीं पहुंचना प्रश्नचिन्ह तो खड़े करेगा ही।
जबकि, डीएमके सुप्रीमो और तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन गठबंधन की बड़ी जीत का दावा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी की ओर से दिल्ली की बैठक में टीआर बालू प्रतिनिधित्व करेंगे। लेकिन, जब तमिलनाडु में चुनाव पहले ही चरण में गए हैं तो फिर उनका खुद नहीं आना भी चर्चा का विषय है।
इसी तरह महाराष्ट्र में भी पांचवें चरण में ही चुनाव संपन्न हो चुके हैं। फिर भी उद्धव न तो खुद आए और न ही बेटे आदित्य ठाकरे को ही अपना प्रतिनिधि बनाकर भेजा।
वहीं पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने पहले ही कह दिया था कि वह इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगी। इसके लिए उन्होंने निजी वजहों का हवाला दिया था। न्यूज एजेंसी पीटीआई से उन्होंने कहा था, 'शायद मैं न जा पाऊं, क्योंकि मेरी मां की आंख की सर्जरी हुई है।'












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