Lok Sabha Chunav: जम्मू-कश्मीर में नतीजों से पहले जीत गई जम्हूरियत, कैसे बदल गया वोटिंग पैटर्न?
Lok Sabha Election: जम्मू और कश्मीर की पांचों लोकसभा सीटों पर औसतन 58% वोटिंग दर्ज हुई है, जो इतिहास में दूसरा सबसे बेहतर मतदान प्रतिशत है। जम्मू और कश्मीर में यह बदलाव लोकतंत्र के लिए बहुत ही शुभ संकेत है, जो कि आर्टिकल-370 के खत्म होने के बाद पहले चुनाव में सामने आया है।
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 पिछले आम चुनावों से दो महीने बाद ही हटा लिया गया था। तबके लोकसभा चुनाव में वहां कुल 44.97% वोटिंग दर्ज की गई थी। लेकिन, यह आंकड़ा परिसीमन से पहले का है और तब जम्मू और कश्मीर एक राज्य था और लद्दाख समेत वहां कुल 6 लोकसभा सीटें थीं।

अनंतनाग-राजौरी में 54.46% मतदान
2024 से पहले जम्मू-कश्मीर में 1984 में 66% वोटिंग दर्ज की गई थी, जो कि आजतक का सर्वाधिक है। शनिवार को कश्मीर घाटी की अंतिम सीट अनंतनाग-राजौरी (परिसीमन के बाद बनी है) में 54.46% मतदान रिकॉर्ड किया गया है। 2019 के चुनाव में पूर्ववर्ती अनंतनाग सीट पर महज 8.94% मतदान हुआ था।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि अनंतनाग (परिसीमन से पहले) सीट पर 2024 से पहले सबसे ज्यादा मतदान 1984 में हुआ था, जब 70% वोटिंग हुई थी। हो सकता है कि चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़े आने के बाद अनंतनाग-राजौरी सीट पर हुई वोटिंग का प्रतिशत कुछ और बढ़ जाए।
श्रीनगर और बारामूला में भी जोरदार वोटिंग
कश्मीर घाटी में श्रीनगर, बारामूला और अनंतनाग-राजौरी की तीन लोकसभा सीटें हैं, बाकी दो- जम्मू और उधमपुर जम्मू डिविजन में हैं। अनंतनाग-राजौरी से पहले घाटी की बाकी दोनों सीटों पर भी 2019 के मुकाबले लगभग 25% मतदान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जम्मू-कश्मीर में 2019 से करीब 18% ज्यादा वोटिंग
इस बार श्रीनगर में 38.49% वोटिंग (2019 में 14.43%) हुई है, जो 1996 के बाद सबसे अधिक है। वहीं बारामूला में इस बार 59.10% मतदान (2019 में 34.57%) हुआ है, जो 1984 के बाद सबसे ज्यादा है। अगर लद्दाख को छांटकर देखें तो जम्मू और कश्मीर में 2019 में 40.13% और 2014 में 46.56% मतदान हुआ था।
जम्मू की दोनों सीटों पर देश के बाकी हिस्सों वाला वोटिंग ट्रेंड
जम्मू और कश्मीर में लोकतंत्र की एक और रोचक झलक मिली है। जहां घाटी की सीटों पर देश के बाकी हिस्सों की तुलना में पिछली बार के मुकाबले मतदाताओं ने अप्रत्याशित उत्साह दिखाया है, वहीं जम्मू की दोनों सीटों पर मिला-जुला ट्रेंड नजर आया है।
मसलन, जम्मू में 2024 में 72.22% ( 2019 में 72.23%) हुई है और उधमपुर में सिर्फ 68.27% (2019 में 70%) ही मतदान दर्ज किया गया है।
कश्मीर में लोकतंत्र को मजबूत करने निकलीं महिला वोटर
इसके अलावा आर्टिकल-370 हटने का एक प्रभाव घाटी के मतदाताओं में भी विशेष रूप से देखने को मिल रहा है। जैसे श्रीनगर में 2019 में सिर्फ 12.67% महिलाओं ने वोट डाला था, जो कि 2024 में बढ़कर 33.21% हो गया है। वहीं बारामूला में तो यह 31.76% से बढ़कर 55.63% प्रतिशत तक दर्ज किया गया है।
अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट का यह डेटा अभी उपलब्ध नहीं है। वहीं उधमपुर में महिलाओं के मतदान प्रतिशत में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जो कि 2019 के 69.21% से घटकर 70.75% रहा है। लेकिन, जम्मू में पुरुषों के मुकाबले इस बार ज्यादा महिलाएं वोट डालने निकली हैं और उनका मतदान प्रतिशत 2019 के 72.20% से बढ़कर 72.71% हो गया है।












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